IIT Madras created Hand Band: आईआईटी मद्रास ने कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए हाथ में पहनने वाला एक ऐसा बैंड बनाया है जो एकदम शरुआती स्तर पर ही किसी इंसान को संक्रमण के बारे में बता सकता है. यह बैंड अगले माह तक बाजार में आ सकता है. आईआईआईटी मद्रास में स्टार्ट अप ‘‘म्यूज वियरेबेल्स’’ की शुरुआत पूर्व छात्रों के एक समूह ने एनआईटी वारंगल के पूर्व छात्रों के साथ मिल कर की है. इन ट्रैकर्स को 70 देशों में लांच करने की योजना है. Also Read - COVID19 Cases In India Today: देश में कोरोना का कहर जारी, 4,000 मौतें और 3.43 लाख नए केस दर्ज

हाथ के ट्रैकर में शरीर के तापमान को मापने, हृदय गति तथा एसपीओ2 (ब्लड ऑक्सीजन सघनता) को मापने के लिए सेंसर लगे है, जो लगातार इन पर नजर रख कर संक्रमण के शुरुआती स्तर में ही पता लगाने में मदद कर सकता है. यह ट्रैकर ब्लूटूथ से चलेगा और इसे म्यूज हेल्थ ऐप के जरिए मोबाइल फोन से जोड़ा जा सकता है. उपयोगकर्ता के शरीर से जुड़ी तथा अन्य गतिविधियों की जानकारी फोन तथा दूरस्थ सर्वर में इकट्ठा हो जाएगी. उपयोगकर्ता यदि किसी निरुद्ध क्षेत्र में जाता है तो आरोग्य सेतु ऐप के जरिए उसे संदेश मिल जाएगा. Also Read - Eid Ul Fitr: कोरोना महामारी के बीच ईद-उल-फितर की नमाज, कहीं नियम मानें तो कहीं उड़ाई धज्जियां

आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र केएलएनसाई प्रशांत ने बताया, ‘‘ हमारा इस वर्ष दो लाख उत्पाद की ब्रिकी का लक्ष्य है और 2020 तक पूरी दुनिया में 10 लाख ट्रैकर बेचने की योजना है. निवेशकों को हमारे नवोन्मेष पर भरोसा है और उन्हें लगता है कि हम उपभोक्ता तकनीक जगत में भारी बदलाव ला सकते हैं. हम 22 करोड़ रुपए इकट्टा करने में सफल हो गए हैं.’’ इस ट्रैकर की कीमत 3500 रुपए है और यह 70 देशों में अगस्त तक आ जाएगा. एनआईटी वारंगल से स्नातक के. प्रत्यूषा ने कहा,‘‘ हमारा मुख्य उद्देश्य ऐसे मरीजों की पहचान में मदद करना है जिन्हें कोविड निमोनिया पहले हो सकता है ताकि उनका और प्रभावी तरीके से इलाज किया जा सके.’’ Also Read - कोविड-19 से पीड़ित मरती मां के लिए बेटे ने गाया गाना 'तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई…' पोस्ट पढ़कर लोग हुए इमोशनल