नई दिल्ली. मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी की गई उच्च शिक्षण संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Madras)-मद्रास को पहला स्थान दिया गया है. भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC)-बेंगलुरु और दिल्ली के मिरांडा हाउस को क्रमश: सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय और कॉलेज चुना गया है. नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2019 पर आधारित इस रैंकिंग के चौथे संस्करण की घोषणा आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा की गई. इस सूची में भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु और आईआईटी दिल्ली को क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान दिया गया है. शुरुआती 10 संस्थानों में से सात आईआईटी हैं. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) इस सूची में क्रमश: सातवें और 10 स्थान पर हैं.

विश्वविद्यालयों की श्रेणी में आईआईएससी-बेंगलुरु को पहला स्थान दिया गया, उसके बाद जेएनयू और बीएचयू हैं. कॉलेजों की रैंकिंग में दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस को सर्वश्रेष्ठ माना गया है. इसके बाद हिंदू कॉलेज और चेन्नई का प्रेसीडेंसी कॉलेज हैं. प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज को इस श्रेणी में चौथे स्थान पर रखा गया है, जबकि श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स को सातवां स्थान दिया गया है. शुरुआती 10 इंजीनियरिंग संस्थानों में आठ आईआईटी हैं. आईआईटी-मद्रास इस श्रेणी में सबसे आगे है और उसके बाद आईआईटी-दिल्ली और आईआईटी-मुंबई आते हैं. इस श्रेणी में चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी)- तिरुचिरापल्ली को क्रमश: नौवें और 10वें स्थान पर रखा गया है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फाइल फोटो)

 

प्रबंधन संस्थानों की बात करें तो इस श्रेणी में पहले छह स्थानों पर भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) का कब्जा है. इनमें आईआईएम-बेंगलुरु सबसे ऊपर है. इस श्रेणी में आईआईटी-दिल्ली, आईआईटी-मुंबई और आईआईटी-रुड़की भी 10 सर्वश्रेष्ठ संस्थानों की सूची में शामिल हैं. जामिया हमदर्द को फॉर्मेसी के लिये सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय चुना गया जबकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु को क्रमश: सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज और विधि विद्यालय चुना गया. इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि दीक्षांत समारोहों में टॉपरों और मेडल हासिल करने वालों में जहां महिला स्नातकों का दबदबा रहता है, वहीं देश में उच्च शिक्षा व्यवस्था में लड़कियों की सहभागिता अपेक्षाकृत कम है और यह चिंता की बात है.

उन्होंने कहा, “मैं उच्च शिक्षा व्यवस्था में लड़कियों के अपेक्षाकृत कम नामांकन को रेखांकित करना चाहूंगा, खासकर पूर्वी संस्थानों में. यह सिर्फ चिंता की बात नहीं है बल्कि यह विरोधाभास भी है, क्योंकि छात्राएं स्कूल में परीक्षा में छात्रों से बेहतर करती हैं. जब मौका मिलता है तो छात्राएं उच्च शिक्षा में भी यह करके दिखाती हैं.” मंत्रालय द्वारा जारी सूची में दिल्ली विश्वविद्यालय के छह कॉलेजों ने भी कॉलेजों की श्रेणी में टॉप टेन में जगह बनाई है. मिरांडा हाउस ने लगातार तीसरी बार इस श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है.

हिंदू कॉलेज को जहां दूसरा स्थान मिला है, सेंट स्टीफंस कॉलेज, लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वीमन, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स और हंसराज कॉलेज ने क्रमश: चौथा, पांचवां, सातवां और नौवां स्थान हासिल किया है. इसके अलावा देश के पहले 100 कॉलेजों में भी दिल्ली विश्वविद्यालय के 22 और कॉलेजों ने अपनी जगह बनाई है. इस रैंकिंग प्रक्रिया में कुल 3,127 संस्थानों ने हिस्सा लिया.