IIT can be cut Syllabus & Change Exam Format: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) आने वाले JEE एडवांस्ड के लिए परीक्षा पाठ्यक्रम को कम करने और प्रवेश परीक्षा फॉर्मेट को बदलने पर चर्चा कर सकता है. यह अन्य प्रस्तावों के बीच संयुक्त प्रवेश बोर्ड (JAB) की समीक्षा बैठक में चर्चा के लिए तैयार किया जाएगा. बैठक आगामी सप्ताह में होने वाली है और बैठक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. Also Read - Declared! JEE Advanced AAT Result 2020: IIT Delhi ने जारी किया AAT 2020 का रिजल्ट, ये रहा चेक करने का Direct Link

इस साल, IIT- दिल्ली JEE एडवांस्ड का आयोजन कर रहा है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए IIT दिल्ली के निदेशक वी रामगोपाल राव ने पुष्टि की. उन्होंने कहा, “अगले हफ्ते की समीक्षा बैठक में चर्चा के लिए परीक्षा के प्रारूप, पाठ्यक्रम, सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंड पर विचार चल रहा है. निर्णय JAB की अनुमति के बाद लिया जाएगा और JEE Advance 2020 के लिए होगा.” आईआईटी इस वर्ष प्रवेश परीक्षा के लिए बोर्ड परीक्षा की आवश्यकताओं को लेकर भी विचार कर रही है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि CBSE और CISCE सहित कई बोर्ड ने लंबित बोर्ड परीक्षाओं को आयोजित नहीं करने का फैसला किया है और मूल्यांकन अपनी योजनाओं के तहत किया है. Also Read - JEE Advanced 2020: MS Dhoni से इंस्पार्ड एक किसान के बेटे ने क्रैक किया JEE Advanced की परीक्षा, गरीब इंजीनियरिंग छात्रों को करना चाहता है मदद

नियमों के अनुसार उम्मीदवार के लिए बोर्ड में कम से कम 75 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है या कक्षा 12वीं की परीक्षा में टॉप 20 परसेंटाइल होना चाहिए. सीबीएसई द्वारा उनके सिलेबस में 30 फीसदी की कटौती करने का फैसला करने के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे मेडिकल और इंजीनियरिंग के लिए क्रमशः एनईईटी और जेईई – प्रवेश परीक्षाओं पर प्रभाव पड़ सकता है. प्रवेश परीक्षा सीबीएसई कक्षा 11वीं और 12वीं के फॉर्मेट पर उनके पाठ्यक्रम पर आधारित है. Also Read - JEE Advanced Result 2020 Live: जेईई एडवांस रिजल्ट से पहले वेबसाइट हुई क्रैश, इस डायरेक्ट लिंक से डाउनलोड करें रिजल्ट

कई कोचिंग संस्थानों ने एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए कहा है कि सामान्य परिस्थितियों में भी छात्रों को जेईई मेन और एनईईटी के लिए निर्धारित सीबीएसई पाठ्यक्रम से परे अतिरिक्त अध्ययन सामग्री का अध्ययन करना पड़ता है. सिलेबस में कटौती या परीक्षा पैटर्न में बदलाव से कोई प्रभाव नहीं पड़ सकता है. यदि जेईई एडवांस्ड अपने सिलेबस को कम करता है, तो संभावना है कि जेईई मेन में भी कमी आएगी. वहीं अगर स्कूल समय पर दोबारा नहीं खुलते हैं तो जेईई मेन के जनवरी 2021 की परीक्षा भी स्थगित होने की संभावनाएं अधिक हो जाती है. हालांकि, इस पर अभी तक राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.