नई दिल्ली: देशभर में कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है. बिहार में भी कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए यहां भी लॉकडाउन जारी किया गया है. लॉकडाउन के मद्देनजर बिहार सरकार ने कहा कि 2019-20 शैक्षणिक सत्र के कक्षा 1 से 11 वीं तक के सभी छात्रों को बिना वार्षिक परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा. इसमें सिर्फ 10वीं कक्षा के छात्रों को प्रमोट नहीं किया जाएगा. इस बारे में सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके सभी हेड मास्टर्स और प्रिंसिपलों को यह सूचना दी. Also Read - Bihar Board 2020 Toppers List: इस बार टॉपर्स के हैट्रिक से चूका यह स्कूल, टॉप टेन में भी खराब रहा परफॉर्मेंस, जानें डिटेल

बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षा पिछले साल दुर्गा पूजा के बाद से शुरू हुई परीक्षाओं, शीत लहर के कारण बंद होने और बाद में बोर्ड परीक्षाओं के कारण बुरी तरह प्रभावित रही थी. इसके बाद 17 फरवरी से शिक्षक भी हड़ताल पर थे और सरकार ने भी शिक्षकों का केवल जनवरी माह का वेतन जारी किया था. और बाकी का वेतन हड़ताल के बाद जारी करने की बात कही थी. Also Read - Bihar Board 10th Result 2020: बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट डाउनलोड करने से पहले जान लें ये जरूरी बात

हालांकि, बुधवार को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) ने मार्च के महीने के लिए प्राथमिक शिक्षकों को वेतन भुगतान के लिए 802.74 करोड़ रुपये जारी किए, लेकिन एक साथ पूरा भुगतान केवल उन लोगों को किया जाएगा जो हड़ताल पर नहीं गए हैं. सभी डीईओ और डीपीओ को बीईपीसी द्वारा जारी पत्र में कहा, “जो लोग दोबारा ज्वाइन किए हैं, उन्हें हड़ताल की अवधि को छोड़कर बाकी का भुगतान किया जाएगा.” Also Read - Bihar Board 10th Result 2020: बिहार बोर्ड ने जारी किया 10वीं का रिजल्ट, इन खास बातों को ध्यान में रखकर करें डाउनलोड

जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्थापना) को लिखे पत्र में पटना के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ज्योति कुमार ने हाल ही में लिखा है कि जो हेडमास्टर प्रभारी या शिक्षक हड़ताल में शामिल हुए थे और वापस ज्वाइन करने की इच्छा रखते हैं उन्हें लॉकडाउन के दौरान स्कूलों में जाने की जरूरत नहीं है. इसी तरह के पत्र कुछ अन्य डीईओ द्वारा भी जारी किए गए थे.