JAC 12th Result 2020: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) इस सप्ताह कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट घोषित करने की संभावना है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बताया जा रहा है कि इस सप्ताह इंटरमीडिएट (कक्षा 12) साइंस और कॉमर्स की परीक्षा के रिजल्ट घोषित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं और तैयारी लगभग अंतिम चरण में है. इस वर्ष 2.34 लाख से अधिक छात्रों ने इंटरमीडिएट (कक्षा 12) की परीक्षाएं दी हैं. परीक्षा साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के छात्रों के लिए आयोजित की गई थी.Also Read - JAC Jharkhand Board 12th Result 2021 Declared: हैवी ट्रैफिक के कारण JAC 12वीं रिजल्ट देखने में है दिक्कत, तो ऐसे करें चेक

तीनों स्ट्रीमों के लिए परीक्षाएं फरवरी में आयोजित की गई थी. इससे पहले अधिकारियों द्वारा बताया गया था कि जेएसी ने मई तक रिजल्ट घोषित करने की योजना बनाई थी, लेकिन देश में लॉकडाउन के कारण इसमें देरी हुई थी. परीक्षाएं इस साल 10 फरवरी से शुरू हुईं और 28 फरवरी को संपन्न हुईं थी. जेएसी अधिकारियों ने कहा कि 2,34,363 छात्र परीक्षा दिए थे. इंटरमीडिएट की परीक्षा व्यावसायिक पेपरों से शुरू हुई और बायोलॉजी, भूगोल और व्यावसायिक गणित के पेपर के साथ संपन्न हुई थी. Also Read - JAC Jharkhand Board 12th Result 2021 Declared: झारखंड बोर्ड ने जारी किया 12वीं का रिजल्ट, ऐसे चेक करें अपना स्कोरकार्ड

राज्य भर में कुल मिलाकर 470 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे जहाँ छात्रों ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा दी थी. परीक्षा के दौरान अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए कैमरे लगाए गए थे. हर केंद्र के हर कक्षा में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. जेएसी ने 20 मार्च से पेपरों के मूल्यांकन का संचालन करने की योजना बनाई थी, लेकिन कोरोना वायरस बीमारी के प्रकोप के कारण इसे टाल दिया गया. अंत में मूल्यांकन प्रक्रिया 28 मई से शुरू हुई थी. Also Read - JAC Jharkhand Board 12th Result 2021: कुछ ही देर में जारी होगा झारखंड बोर्ड 12वीं का रिजल्ट, इस Alternative Ways से करें चेक

साल 2019 में कुल 3.15 लाख छात्र 12 वीं की परीक्षा में शामिल हुए थे. लगभग 57% छात्रों ने साइंस की परीक्षा पास की जबकि 70.44% छात्रों ने कॉमर्स की परीक्षा पास की है. आर्ट्स स्ट्रीम का पास प्रतिशत 79.97% था. जेएसी द्वारा 8 जुलाई को कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी किया गया था, जिसमें 75.01% छात्र पास हुए थे, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अच्छा रिजल्ट रहा था.