नई दिल्ली. जेईई एडवांस्ड परीक्षा-2019 में टॉपर रहे कार्तिकेय गुप्ता ने कहा है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक ला पाएंगे. लेकिन शांत रहकर पढ़ाई करना, सोशल मीडिया से दूर रहना और अच्छे शिक्षकों का साथ मिला, जिसकी वजह से वे देश की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में टॉप कर पाए. कार्तिकेय ने बताया कि आईआईटी बॉम्बे में सीएस ब्रांच मिलने को लेकर निश्चिंत था, लेकिन ऑल इंडिया टॉप करूंगा, ऐसा नहीं सोचा था.

महाराष्ट्र के छोटे से कस्बे चंद्रपुर के रहने वाले कार्तिकेय ने इससे पहले जेईई मेन परीक्षा में 100 पर्सेन्टाइल स्कोर किया था. इसमें उन्हें ऑल इंडिया लेवल पर 18वीं रैंक मिली थी और महाराष्ट्र स्टेट में वे सेकेंड टॉपर थे. इसी साल कार्तिकेय ने 12वीं कक्षा 93.7 प्रतिशत अंकों से पास की. उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान कोई भी डाउट्स हो, टीचर्स हमेशा मदद के लिए तैयार रहते थे. कोटा में एक शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले कार्तिकेय ने कहा कि यहां अच्छे दोस्त मिले, बेहतरीन शिक्षक मिले, इससे मेरी स्ट्रेन्थ बढ़ी. उन्होंने बताया कि रेगुलर क्लास के अलावा 6 से 7 घंटे का शेड्यूल बनाकर सेल्फ स्टडी करता था. खुद का एनालिसिस करने के लिए मॉक टेस्ट भी देता था. परफॉर्मेन्स में सुधार के लिए वीकली टेस्ट भी देता था. कार्तिकेय ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे सबसे प्रमुख बात थी कि वे रोजाना पढ़ाई के दौरान आने वाले डाउट्स को उसी दिन क्लीयर कर लेते थे. कार्तिकेय ने कहा कि इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले किसी भी छात्र को योजना बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए.

शांत दिमाग रहकर पढ़ाई करें
इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को सलाह देते हुए कार्तिकेय ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए शांत दिमाग रखकर तैयारी करें. आपका मुकाबला खुद से है. पढ़ाई को एंजॉय करें. जो भी विषय पढ़ें, उसे मन से पढ़ें. टीचर्स की गाइडलाइंस को फॉलो करें. रेगुलर क्लास के बाद डेली का होमवर्क कम्पलीट करें. इससे डाउट्स सामने आते हैं और रिवीजन भी अच्छे से होता है. बेहतर होगा कि रोजाना की पढाई के लिए प्लानिंग करें. लगातार बैठकर पढ़ाई नहीं करे. प्रत्येक दो घंटे के बाद खुद को रिलैक्स करें. कार्तिकेय ने कहा कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल से बचना चाहिए, इससे पढ़ाई पर फोकस करने में आसानी रहती है.

रामानुजन मेरे आदर्श
कार्तिकेय ने बताया कि महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को वे आदर्श मानते हैं. आईआईटी बॉम्बे की सीएस ब्रांच में प्रवेश मिलने से उत्साहित कार्तिकेय ने कहा कि यह मेरा सपना था, जो साकार होने जा रहा है. कार्तिकेय के पिता चन्द्रेश गुप्ता पेपर इण्डस्ट्री में जनरल मैनेजर और मां पूनम गुप्ता गृहिणी हैं. उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग की तैयारी के दौरान मम्मी-पापा का पढ़ाई के दौरान काफी सपोर्ट मिला. कार्तिकेय के बड़े भाई भारतीय विद्या भवन सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुम्बई से सीएस ब्रांच में इंजीनियरिंग कर रहे हैं.