JEE Main 2019: आज से ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) मेन्स 2019 परीक्षा शुरू हो गई है. इसके जरिये इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला होगा. इस परीक्षा में क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को NIT, IITs और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिल पाएगा. JEE Mains 2019 परीक्षा 8 जनवरी से शुरू होकर 20 जनवरी तक चलेगी. इस परीक्षा में पहले दिन करीब 11 लाख छात्र हिस्सा ले रहे हैं.

पहली शिफ्ट सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक होगी. NTA परीक्षा के नतीजों की घोषणा 31 जनवरी 2019 तक अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर कर सकती है.

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क्या किए गए हैं बदलाव

इस साल JEE Mains एग्जाम में कई बदलाव किए गए हैं. आप उन पर एक नजर डालिए.

1. इस साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जेईई परीखा आयोजित करेगी.
2. इस बार पर्सेंटाइल के आधार पर रैंकिंग तैयार किया जाएगा. इससे पहले छात्र द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर रैंकिंग तैयार होती थी.
3. अब साल में दो बार जेईई मुख्य परीक्षा आयोजित होगी, एक बार जनवरी में और दूसरी बार अप्रैल में. जिसमें भी अधिक अंक होंगे उसके आधार पर दाखिला मिलेगा.
4. इस बार से परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी. इससे पहले पेन-पेपर आधारित परीक्षा होती थी.
5. परीक्षा 14 दिनों तक होगी और हर दिन कई सत्र में होगी.

रैंकिंग का क्या आधार होगा, समझें:

JEE Mains एग्जाम की रैंकिंग तय करने के लिए पहले अलग-अलग सेशन का अलग-अलग पर्सेंटाइल स्कोर निकाला जाएगा. इसके बाद सभी को मिलाकर एक ओवरऑल मेरिट और रैंकिंग तैयार की जाएगी. अगर दो या उससे ज्यादा उम्मीदवारों का पर्सेंटाइल एक ही हुआ तो जिस उम्मीदवार ने गणित, रसायन और भौतिकी में ज्यादा पर्सेंटाइल हासिल किया है, उसका पर्सेटाइल ही ज्यादा माना जाएगा.

इसके अलावा अगर गणित, रसायन और भौतिकी के पर्सेंटाइल के बाद भी ओवरऑल पर्सेटाइल बराबर आ रहा है तो उम्र के अनुसार प्राथमिकता तय की जाएगी. जिस उम्मीदवार की उम्र ज्यादा होगी उसका पर्सेंटाइल ज्यादा माना जाएगा.

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