JEE Main 2019: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (IITs) आदि इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जो ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम- मेन (JEE-Main) परीक्षा की मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी वह पर्सेंटाइल स्कोर पर आधारित होगी. जी हां, यानी अब JEE Main की मेरिट लिस्ट पर्सेंटेज पर नहीं, बल्कि पर्सेंटाइल के आधार पर तैयार की जाएगी. यह नियम साल 2019 से शुरू हो जाएगा.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जब से इन परीक्षाओं को आयोजित करने की जिम्मेदारी उठाई है, तब से परीक्षा के नियमों में कई बदलाव किए जा चुके हैं. एनटीए ने JEE Main परीक्षा को साल में दो बार आयोजित करने की पहल की है. साल 2019 से यह परीक्षा एक बार जनवरी में होगी और दूसरी बार अप्रैल में. दोनों परीक्षा को देने वाले उम्मीदवारों का रिजल्ट जिसमें बेहतर होगा, वही मान्य होगा.

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IITs में दाखिले के लिए छात्रों को JEE (Main) परीक्षा क्वालिफाई करना जरूरी होता है. इसलिए इसे क्वालिफाईंग एग्जाम भी कहा जाता है. इसमें पास होने वाले छात्रों को JEE (Advanced) में बैठने का मौका मिलता है, इसके बाद ही IITs में दाखिला मिल पाता है.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया में कई बदलाव किए हैं. अब NTA ने IITs के लिए स्कोर और फाइनल मेरिट लिस्ट बनाने के तरीके को बदल दिया है. अगले साल से जो मेरिट लिस्ट तैयार होगी वह पर्सेंटेज आधारित ना होकर पर्सेंटाइल आधारित होगी.

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इस बारे में HRD मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेरिट लिस्ट तैयार करने की इस प्रणाली को फाइनल करने से पहले आईआईटी रुरकी, कानपुर, दिल्ली, गुवाहाटी, IIM लखनऊ, NITs, UGC, IASRI (पूसा) और AIIMS दिल्ली के विशेषज्ञों के साथ विमर्श किया गया और इन विशेषज्ञों द्वारा फाइनल करने के बाद पर्सेंटाइल प्रणाली को तय किया गया.

जरूरी बातें:

– साल 2019 से IIT JEE MAIN EXAM का टेस्ट फॉर्मेट बदल जाएगा.

– साल 2019 से JEE MAIN EXAM साल में दो बार आयोजित होगा, पहला जनवरी में और दूसरा अप्रैल में.

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– परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होंगी.

– उम्मीदवार दोनों परीक्षा में शामिल हो सकते हैं.

– पैटर्न और डिफिकल्टी लेवल में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं.

रैंकिंग का नया तरीका क्या होगा:

1. हर सेशन का अपना NTA पर्सेंटाइल स्कोर होगा.

2. फाइनल रैंकिंग के लिए सभी सेशन को मिलाकर एक मास्टर NTA स्कोर तैयार किया जाएगा.

3. जो टॉप रैंकिंग वाला उम्मीदवार होगा वह 100 पर्सेंटाइल होगा.

4. अगर कई उम्मीदवारों को 100 फीसदी पर्सेंटाइल मिलता है तो उसके मैथ्स, फिजिक्स और केमीस्ट्री के पर्सेंटाइल स्कोर के आधार पर टॉप स्कोरर का पता लगाया जाएगा.

5. अगर फिर दो छात्रों को एक जैसे स्कोर मिलते हैं तो उम्र के आधार पर रैंकिंग तय की जाएगी. ज्यादा उम्र वाले को वरीयता दी जाएगी.

6. Main 2 के लिए भी ही तरीका अपनाया जाएगा.

7. फाइनल मेरिट लिस्ट Main 2 के बाद ही जारी की जाएगी.

8. जिन उम्मीदवारों ने जनवरी और अप्रैल दोनों परीक्षाओं में हिस्सा लिया है, उनके लिए दोनों परीक्षा के नतीजों में से जो बेहतर होगा, उसके आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होगा.

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