रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने झारखंड लोकसेवा की छठी परीक्षा के 24 फरवरी से प्रारंभ हो रहे साक्षात्कारों पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया. न्यायमूर्ति एस एन पाठक की पीठ ने जेपीएससी (Jharkhand Public Service Commission) द्वारा 24 फरवरी से आरंभ हो रहे साक्षात्कार पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. Also Read - हरियाणा, मध्य प्रदेश के बाद इस राज्य में 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित

पीठ ने इस मामले में जेपीएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी. इस मामले में राहुल कुमार व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर छठी जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के बाद सरकार द्वारा जारी पहले प्रस्ताव को चुनौती दी है. Also Read - Jharkhand News: झारखंड की हेमंत सरकार ने पूरे किए एक साल, सीएम ने किए कई बड़े ऐलान

याचिका में कहा गया है कि 19 अप्रैल 2017 को सरकार द्वारा जारी प्रस्ताव के चलते ही प्रारंभिक परीक्षा में पास हुए 5,138 अभ्यर्थियों की संख्या बढ़कर 6,103 हो गई. नियमानुसार यह निर्धारित पदों की संख्या से 15 गुणा से अधिक है. इसलिए सरकार के उस प्रस्ताव को रद्द कर देना चाहिए. बता दें कि इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट में झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था. इसको लेकर याचिका दायर की गई थी. बुधवार को अदालत ने इसपर सुनवाई करने से इंकार कर दिया. Also Read - जेल में ही RJD सुप्रीमो लालू यादव करेंगे नए साल का स्वागत, 6 सप्ताह के लिए फिर टल गई बेल