नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के एग्जीक्यूटिव काउंसिल (EC) ने एक रिजोल्यूशन पास कर उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें दिल्ली से बाहर एक सेटेलाइट कैंपस बनाने की योजना प्रस्तावित की गई है. जेएनयू स्कूल ऑफ इंजिनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड आंत्रप्रिन्योरशिप के अलावा यूनिवर्सिटी कई नई प्रोजेक्ट शुरू करना चाहती है. लिहाजा यूनिवर्सिटी ने यह प्रस्ताव तैयार किया है.

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लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली से बाहर क्या कोई ऐसा कैंपस शुरू कर सकती है. इस बारे में जेएनयू के अधिकारियों का कहना है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक्ट 1966 के अनुसार यूनिवर्सिटी के पास दिल्ली के भीतर या दिल्ली के बाहर इस तरह के विशेष केंद्र और विशेष प्रयोगशालाएं रीसर्च के लिए बना सकती है.

इसके मद्देनजर यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल एक केमेटी बना रही है, जो इस बात की जांच करेगी कि दिल्ली के बाहर इस कैंपस को कैसे सेटअप किया जा सकता है और ऐसा करने के लिए किन मानकों की जरूरत होगी. वहीं यह कमेटी यह भी पता करेगी कि इस कैंपस के सेटअप में कितना खर्च आएगा और इसके लिए फंड कहां से एकत्रित किया जा सकता है.

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सेटेलाइट कैंपस में प्रोफेसनल कोर्स की पढ़ाई होगी. यहां बायो-इनकुबेटर बनाने की भी योजना है और इसके अलावा लैब बनाने की भी योजना बन रही है जो इंडस्ट्री फंडेड होगी.

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