
Priya Gupta
प्रिया गुप्ता को मीडिया का 5 साल का अनुभव है. इंडिया न्यूज, लोकमत और टीवी9 जैसे मीडिया संस्थानों में अपनी सेवा दे चुकी हैं. फिलहाल जॉब, एजुकेशन सहित महिला सशक्तिकरण ... और पढ़ें
कोटा में बढ़ते आत्महत्या के मामलों को देखते हुए राजस्थान सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए दिशानिर्देश जारी किया है. जारी निर्देश के अनुसार, टॉपर के नाम अब प्रचार नहीं किए जाएंगे. रिजल्ट भी सबके सामने नहीं जारी किया जाएगा. छात्रों को उनके रैंक के आधार पर स्पेशल बैचों में अलग नहीं किया जाएगा. कोचिंग हब कोटा से रिकॉर्ड छात्रों की आत्महत्या की रिपोर्ट के बाद इस मुद्दे की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा शिक्षा सचिव भवानी सिंह देथा की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय समिति गठित करने के कुछ दिनों बाद नौ पेज के दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.
ये दिशानिर्देश कोचिंग संस्थानों और अन्य हितधारकों के परामर्श से तैयार किए गए हैं, संस्थानों को कक्षा 9 से नीचे के छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित करने से रोकते हैं. कोचिंग संस्थानों को क्लास 9 से नीचे के छात्रों को प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए. उन्हें उनकी रुचि का आकलन करने के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट और काउंसलिंग के बाद एडमिशन मिलेगा. यदि कक्षा 9 से नीचे का कोई भी छात्र क्लास छोड़ना चाहता है, तो संस्थान को उन्हें 120 दिनों में पूरा रिफंड देगा.
छात्रों पर मानसिक दबाव को कम करने के लिए संस्थानों के लिए अन्य सिफारिशों का एक सेट तैयार किया गया है. संडे की छुट्टी मिलेगी साथ ही छुट्टी के अगले दिन परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा. इस साल अब तक सबसे अधिक 23 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से दो ने 27 अगस्त को कुछ ही घंटों के अंतराल में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कोटा में 23 छात्रों ने आत्महत्या की है, जो सबसे अधिक है. कभी देश के कोचिंग हब के लिए जाना जाता था.
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नियमों में संस्थानों के लिए एक मॉनिटरिंग सेल के बारे में बताया गया है जो कोटा और सीकर में स्थापित किया जाएगा. सेल के पास राज्य सरकार द्वारा जल्द ही विकसित किए जाने वाले एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले सभी छात्रों का डेटा होगा. दिशानिर्देशों में छात्रों और अभिभावकों को कोई असुविधा और बेचैनी महसूस होने पर 120 दिनों के भीतर “आसान निकास और धन वापसी नीति” का प्रावधान है.
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