नई दिल्ली: आने वाले दिनों में मेडिकल की पढ़ाई सस्ती हो सकती है. केंद्र सरकार की ओर से गठित एक पैनल ने देश भर के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में स्नातक की 70 सीटों और पोस्ट ग्रेजुएशन की 90 फिसदी सीटों की फीस में कमी का प्रस्ताव बनाया है. केंद्र सरकार का मानना है कि नीट की परीक्षा पास कर चुके बहुत से छात्र अधिक फीस होने से चलते एडमिशन नहीं ले पाते. इसे देखते हुए केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BOG) से आगामी सेशन के लिए फीस की रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा है.

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सूत्रों की मानें तो पैनल के इस सुझाव के अनुसार, MBBS कोर्स की फीस 50 फीसदी कम करके सालाना 6 से 10 लाख रुपए की जानी चाहिए. केंद्र सरकार का यह निर्णय मेडिकल की पढ़ाई को काफी हद तक सस्ता कर सकता है. इगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो मेडिकल की पढ़ाई करने के दौरान लगने वाली फीस 90 फीसदी तक कम हो सकती है.

बता दें कि इस समय देशों के कई राज्यों, खासतौर पर दिल्ली और महाराष्ट्र में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को सालाना 25 लाख रुपए फीस भरनी पड़ती है. जबकि कई राज्यों में पीजी कोर्स की फीस 1 से 3 करोड़ रुपए तक है. वहीं, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की पढ़ाई के लिए सालाना 10 लाख रुपए फीस है. आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज में MBBS की फीस सालाना 6 लाख रुपए है.