बेंगलुरू: साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और बिग डाटा जैसे उभरती प्रौद्योगिकी में कुशल मैनपॉवर की मांग को देखते हुए भारत 2027 तक 14 लाख नई आईटी नौकरियां पैदा करेगा. सिस्को नीत अध्ययन के आधार पर गुरुवार को यह जानकारी दी गई. अंतरराष्ट्रीय डाटा कॉर्पोरेश्न (आईडीसी) द्वारा इस अध्ययन के लिए अधिकृत वैश्विक नेटवर्किंग दिग्गज सिस्को ने कहा, “यह संगठनों द्वारा वर्तमान में जिस कौशल की तलाश की जा रही है, उस जरूरी डिजिटल कौशल की नौकरियों में भारी भरकम 46 फीसदी वृद्धि को दर्शाता है.” Also Read - Corona Pandemic: यह IT कंपनी अपने कर्मचारियों को अप्रैल में देगी मूल वेतन का 25% अतिरिक्त

निष्कर्षो के मुताबिक, सोशल मीडिया प्रशासक, मशीन लर्निग (एमएल) डिजाइनर और आईओटी डिजाइनर जैसे नौकरियां आगामी वर्षो में देश में सबसे ज्यादा मांग में रहने वाली नौकिरयों में से होंगी. Also Read - I-T Dept ने कांग्रेस कोषाध्‍यक्ष अहमद पटेल को भेजा समन, विपक्ष ने किया सरकार पर पटलवार

अध्ययन के मुताबिक, “करीब 89 फीसदी प्रबंधकों की भर्ती प्रमाण रखने वाले उम्मीदवारों पर विश्वास के स्तर पर होगी, वहीं 88 फीसदी ग्राहक सेवा और समर्थन के स्तर में सुधार का अनुभव करेंगे.” Also Read - स्पाईवेयर के मुद्दे पर आईटी मंत्रालय ने Whatsapp से मांगा जवाब, जासूसी का है आरोप

स्‍टडी के मुताबिक, अत्याधिक उद्योगों के लिए इस डिजीटल बदलाव के युग में स्‍किल बहुत जरूरी तय कर दिया गया है, इसके साथ ही यह, लोग कैसे और कहां कार्य कर रहे हैं] उसमें भी बदलाव रहा है. इसके परिणामस्वरूप, आईटी संगठनों को इन आला पदों को भरना मुश्किल मालूम पड़ता है, जो प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों के कौशल को बेहतर बनाने का आह्वान करते हैं.