नई दिल्ली: मद्रास उच्च न्यायालय के मदुरै खंडपीठ नेे मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) को आदेश दिया है कि तमिल भाषा में NEET 2018 की परीक्षा देने वाले छात्रों को अतिरिक्त 196 अंक यानी 196 ग्रेस मार्क्स दिए जाएं. कोर्ट ने CBSE को इसके बाद NEET की रिवाइज्ड रैंक लिस्ट जारी करने का निर्देश भी दिया है. सीबीएसई को इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है. Also Read - NEET Answer Key 2020: NTA ने जारी किया नीट का Answer Key, ये है डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक

दरअसल, तमिल भाषा में नीट 2018 परीक्षा देने वाले छात्रों को जो प्रश्न पत्र दिए गए थे, उसके 49 सवालों का गलत ट्रांसलेट किया गया था. तमिल भाषा के प्रश्न पत्र की गड़बड़ियों के मद्देनजर परीक्षार्थियों ने कंपेनसेटरी मार्क्स की मांग की थी. कोर्ट ने नीट परीक्षा में तमिल भाषा में छपे पेपर में 49 सवालों की इसी गलत अनुवाद को लेकर यह फैसला सुनाया है. तमिल भाषा में परीक्षा देने वाले छात्रों को इस फैसले से फायदा होगा. उनके कुल हासिल अंक में 196 अंकों की बढ़ोतरी हो जाएगी. नीट का पेपर कुल 720 अंकों का था. इस साल तमिल भाषा से नीट की परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या करीब 24,500 है.

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इससे पहले 6 जुलाई को मद्रास हाईकोर्ट ने तमिल भाषा की NEET परीक्षा में हुई गलतियों को लेकर CBSE को निरंकुश बताया था. यह पीआईएल CPI-M नेता टी के रंगराजन ने दायर की थी और 49 गलत अनुवादित सवालों के लिए फुल मार्क्स देने की मांग की थी.

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इस बात को जानते हुए कि NEET 2018 परीक्षा को लेकर कोर्ट में PIL दायर किया गया है, सीबीएसई ने रिजल्ट जारी कर दिए. सीबीएसई ने सोमवार 4 जून 2018 को NEET 2018 का रिजल्ट जारी किया था. इस साल 13 लाख से ज्यादा छात्रों ने नीट 2018 की परीक्षा दी थी, जिसमें 7 लाख छात्रों ने क्वालिफाई किया. इसमें 6.3 लाख छात्र जनरल कैटेगरी के थे. 720 में 691 अंक और 99.99 पर्सेंटाइल लाकर बिहार की कल्पना कुमारी ऑल इंडिया टॉपर रही.