CBSE NEET Result 2018: सीबीएसई ने सोमवार 4 जून 2018 को NEET 2018 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल 13 लाख से ज्यादा छात्रों ने नीट 2018 की परीक्षा दी थी, जिसमें 7 लाख छात्रों ने क्वालिफाई किया है. इसमें 6.3 लाख छात्र जनरल कैटेगरी के हैं. 720 में 691 अंक और 99.99 पर्सेंटाइल लाकर बिहार की कल्पना कुमारी ने परीक्षा में टॉप किया है. हालांकि कल्पना अभी 12वीं के नतीजों का इंतजार कर रही हैं जो 6 जून 2018 को जारी होने वाले हैं. कल्पना को 12वीं के अच्छे नतीजे आने की उम्मीद है. कल्पना के अनुसार उन्होंने मेडिकल के साथ 12वीं की तैयारी के लिए भी कड़ी मेहनत की थी. हालांकि नीट 2018 में टॉप करने की कल्पना को खुशी है, लेकिन वह AIIMS में दाखिला चाहती है. नीट 2018 की परीक्षा से पहले कल्पना ने एम्स एंट्रेंस एग्जाम में भी हिस्सा लिया था, जिसका रिजल्ट जून में ही आने वाला है. बता दें कि AIIMS और JIPMER पुडुचेरी के में दाखिले के लिए अलग से प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं.

कहां से की पढ़ाई 

कल्पना ने 3 से 6वीं क्लास तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से की और उसके बाद 6 से 10वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय से की. इसके बाद कल्पना ने जेएनवी से निकलकर बिहार बोर्ड के एक कॉलेज में एडमिशन ले लिया. जहां 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान ही कल्पना ने मेडिकल की तैयारी शुरू कर दी.

कल्पना की मार्कशीट
ऑल इंडिया टॉपर बनने वाली कल्पना कुमारी की मार्कशीट देखने के बाद आपको इस बात का अंदाजा लग जाएगा कि कल्पना ने किस स्तर की मेहनत की होगी. कल्पना को कुल 720 में से 691 अंक प्राप्त हुए हैं. कल्पना का पर्सेंटाइल 99.99 है. उन्होंने फिजिक्स में 180 में 171 अंक, केमिस्ट्री में 180 में 160 और बायोलॉजी व जूलॉजी में 360 में 360 अंक हासिल किए हैं.

kalpana marksheet

हालांकि टॉप करने वाली कल्पना को यह अंदाजा नहीं था कि वह प्रथम स्थान हासिल करेंगी, लेकिन अपनी मेहनत और परीक्षा में लिखेे उत्तर के स्वमूल्यांकन के आधार पर कल्पना को यह अंदाजा था कि वह टॉप-10 में जगह जरूर बनाएंगी. मेडिकल की परीक्षा में पास होने के लिए कल्पना ने हर दिन 12 से 13 घंटे की पढ़ाई की. कभी ऐसा भी हुआ जब पढ़ाई करते हुए समय का अंदाजा ही लग पाया. कल्पना ने बताया कि सफलता की तैयारी उन्होंने कैसे की. जानें कल्पना का सक्सेस टिप्स, जिसने उन्हें ऑल इंडिया टॉपर बना दिया.

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1. कॉन्सेप्ट क्लीयर रखें: 

कल्पना के अनुसार किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए यह जरूरी है कि आपका कॉन्सेप्ट क्लीयर हो. अगर आपका कॉन्सेप्ट क्लीयर है तो आपको परीक्षा में टॉप करने से कोई नहीं रोक सकता. यदि किसी विषय या टॉपिक को लेकर कोई कंफ्यूजन है तो उसे तुरंत क्लीयर करें. इसके लिए आप अपने शिक्षक या किसी बड़े की मदद ले सकते हैं.

2. कड़ी मेहनत है जरूरी: 

कामयाबी ऐसे ही नहीं मिलती. इसके लिए कड़ी मेहनत सबसे जरूरी शर्त है. किसी चीज को हासिल करने का जुनून जब तक आपके अंदर नहीं होगा, तब तक आप उसे हासिल नहीं कर सकते. नीट 2018 में पास होने के लिए कल्पना ने हर दिन 12 से 13 घंटे पढ़ाई की. कई बार इससे ज्यादा भी पढ़ाई की और तब जाकर वह ऑल इंडिया टॉपर बनी हैं.

3. दुनिया से कटना पड़ा :

इस कामयाबी के लिए कल्पना ने सिर्फ कड़ी मेहनत नहीं की है. इसके लिए वह बाहरी दुनिया खासतौर से वर्चुअल दुनिया जैसे कि फेसबुक और ट्विटर आदि जैसे सोशल मीडिया से पूरी तरह कट गईं.

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4. हौसला हो तो कमियां ताकत बन जाती हैं:

बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर लोग अक्सर सवाल उठाते हैं. नेपाल से सटे बिहार के शिवहर जिले की रहने वाली कल्पना के अनुसार पिछले दो साल के दौरान हुई घटनाओं से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों की ऐसी जरूर बन गई है कि यहां का एजुकेशन सिस्टम लचर है. लेकिन मैं ऐसा नहीं मानती. मैं मानती हूं की हौसला हो तो कोई भी कमी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती. मेरे जिले में मेडिकल शिक्षा की तैयारी के लिए अच्छी व्यवस्था नहीं थी, इसलिए मैं दिल्ली आकर तैयारी करने लगी.

5. शिक्षकों और माता-पिता का मार्गदर्शन 

कल्पना के माता-पिता दोनों ही शिक्षक हैं. यही वजह है कि कल्पना को अपने घर में भी पढ़ने का ही माहौल मिला. कल्पना के अनुसार माता-पिता और शिक्षकों का मार्गदर्शन सफलता के लिए बहुत जरूरी है. एक शिक्षक ही आपको यह बता सकता है कि आप सही दिशा में तैयारी कर रहे हैं या नहीं. किन किताबों से सबसे ज्यादा मदद मिलेगी. कल्पना ने मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा के लिए एनसीआरटी की किताब से तैयारी की और इसके अलावा उन्होंने मदद के लिए कुछ अन्य पब्लिशर्स की किताबें भी पढ़ीं. कल्पना के माता-पिता ने उनकी तैयारी में उनका भरपूर साथ दिया और हौसला बढ़ाया.