नयी दिल्ली: रेलगाड़ी के देर होने के चलते कर्नाटक के सैकड़ों छात्र रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) नहीं दे सके. उनकी ट्रेन परीक्षा के लिए निर्धारित रिपोर्टिंग समय के एक घंटे बाद बेंगलुरु पहुंची. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

13 लाख से अधिक छात्रों ने एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा की खातिर पंजीकरण कराया था जिसका आयोजन पहली बार मानव संसाधन विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि देश के बाकी हिस्सों में यह परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई. उन्होंने बताया कि बेंगलुरु जाने वाली 16591-हम्पी एक्सप्रेस दोपहर बाद 2.30 बजे शहर पहुंची जिससे सैकड़ों उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित नहीं हो सके.

 

सिद्धरमैया ने बोला हमला
इसे लेकर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने ट्विटर पर कहा कि श्री नरेंद्र मोदी, आप दूसरों की उपलब्धियों के लिए अपनी पीठ थपथपाते हैं, लेकिन क्या आप अपने कैबिनेट मंत्री की असमर्थता के लिए भी जिम्मेदारी लेंगे. ट्रेन सेवाओं में देरी के कारण कर्नाटक में सैकड़ों छात्र परीक्षा में भाग नहीं ले सके.  शनिवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने चक्रवात फोनी के मद्देनजर ओडिशा में नीट परीक्षा को स्थगित करने की घोषणा की थी. एनटीए ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के कारण कुछ केंद्रों में बदलाव की घोषणा की और छात्रों को नए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सलाह दी.

छूटी परीक्षा कराने को एचआरडी मंत्रालय को पत्र लिखेगा रेलवे
दक्षिण पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि हम एचआरडी मंत्रालय को उन छात्रों के लिए नीट 2019 परीक्षा फिर से आयोजित करने के लिए लिखेंगे, जो हम्पी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे और ट्रेन के गंतव्य तक पहुंचने में देरी के कारण उनकी परीक्षा छूट गई.