NEET 2021 Exam: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare) साल में दो बार मेडिकल और डेंटल कोर्सो में प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) आयोजित करने के शिक्षा मंत्रालय (Ministry Of Education) के एक प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है. हिन्दुस्तान टाइम्स के रिपोर्ट के अनुसार ऑफिशिएयल ने इसकी पुष्टि की है कि शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के परामर्श के बाद स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) से इस बारे में बात की है.Also Read - Vaccination for Children: 12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण को लेकर सरकार ने अभी नहीं लिया है कोई फैसला

इसके बाद पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) ने मामले पर पुनर्विचार करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) से व्यक्तिगत अपील की है. एक अधिकारी ने अपने नाम को गुप्त रखने के शर्त पर बताया, “स्वास्थ्य मंत्री ने अब (उनके समकक्ष) आश्वासन दिया है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे.” हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अरुणा वी वानीकर ने कहा कि अंतिम निर्णय का इंतजार है. उन्होंने आगे कहा, ” भारत सरकार से इस पर अंतिम शब्द सुनना बाकी है.” Also Read - NEET UG Counselling 2021: AIQ और राज्‍य अनुसार काउंसलिंग के लिये शेड्यूल जारी, यहां चेक करें

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने एचटी को बताया, “यह (प्रस्ताव) वर्तमान में NMC और मंत्रालय के विचाराधीन है.” लेकिन एक दूसरे ऑफिशिएल्स ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) और NMC द्वारा विशेष रूप से मंजूरी देने की इच्छा थी क्योंकि उन्हें लगा कि मेडिकल परीक्षा के पाठ्यक्रम को तय करना उनके अंतर्गत है न कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का. पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) के प्रस्ताव ने उन हजारों छात्रों की उम्मीदों को जगा दिया, जो परीक्षा देने के लिए दो विकल्प पाने की उम्मीद कर रहे थे. Also Read - Covid-19 पर महाराष्ट्र, प. बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, केरल और गुजरात चिंता बढ़ाने वाले राज्‍य: केंद्र

शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) ने इससे पहले ही कहा था कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Main) इस साल से वर्ष में चार बार ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा. मंत्रालय (Ministry of Education) मेडिकल छात्रों के लिए भी एक सहज निर्णय की उम्मीद कर रहा था. एजेंसी ने औपचारिक रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry Of Health) को इस महीने की शुरुआत में ऑनलाइन परीक्षा (Online Exam) की अनुमति देने के लिए लिखा था. एक ऑनलाइन विकल्प और एक वैकल्पिक तारीख प्रदान करने के लिए इसका औचित्य उन 15 लाख उम्मीदवारों के लिए आसान बनाना था जिन्होंने पिछली बार परीक्षा के लिए पंजीकरण किया था.

बता दें कि महामारी के दौरान आयोजित होने वाली NEET की परीक्षाओं को लेकर कई छात्र इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए थे. जब सितंबर में परीक्षा हुई थी, तब लगभग 10% छात्र अनुपस्थित थे. दूसरे ऑफिशिएल्स ने कहा कि कक्षा 12 वीं के छात्रों को NEET द्वारा वर्ष में दो बार आयोजित करने की आशंका विचलित कर रही है, लेकिन अभी तक इस बारे में वैध कारण का पता नहीं चल रहा है. पिछले साल NEET मामले में छात्रों के लिए पेश हुए वकील शोएब आलम ने कहा, “परीक्षा का टर्म बढ़ाना छात्रों के लिए एक लोकप्रिय कदम होगा क्योंकि उन्हें परीक्षा देने के लिए एक और साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.”