नई दिल्ली. मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आज मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर खुशियों की सौगात लेकर आए. अगले साल से इन छात्रों को देशस्तर पर आयोजित होने वाली NEET या JEE की परीक्षाओं में एक बार नहीं, बल्कि दो बार बैठने का मौका मिल सकेगा. सरकार ने NEET, JEE, UGC NET, मैनेजमेंट कोर्स से जुड़ी सीमैट और फार्मेसी की जीपैट परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी इस साल से एक नई संस्था, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA को सौंप दी है. अभी तक इन परीक्षाओं के आयोजन का जिम्मा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के पास होता था. HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज इस बाबत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसमें परीक्षाओं के संबंध में की गई नई व्यवस्था की जानकारी दी. जावड़ेकर ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अब साल में दो बार NEET दे सकेंगे. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि UGC NET की जो परीक्षा अभी तक साल में दो बार ली जाती थी, अब वह सिर्फ एक ही बार होगी.

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कब-कब होगी कौन सी परीक्षा
HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया कि ये परीक्षाएं कब-कब ली जाएंगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली इन परीक्षाओं के लिए महीना निर्धारित कर दिया गया है. जावड़ेकर ने बताया कि एनटीए अब UGC NET की परीक्षा दिसंबर में आयोजित करेगी. अब तक यह परीक्षा साल में दो बार- जून और दिसंबर में होती थी. वहीं, जावड़ेकर ने बताया कि नीट की परीक्षा अब साल में दो बार होगी. हर साल फरवरी और मई के महीने में NEET का आयोजन होगा. इसी तरह से JEE (MAIN) की परीक्षा भी अब साल में दो बार- जनवरी और अप्रैल में कराई जाएगी. छात्रों को एक से ज्यादा बार परीक्षाओं में बैठने से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्र दोनों बार परीक्षा दे सकते हैं. प्रवेश के लिए दोनों में से उच्च प्राप्तांक पर विचार किया जाएगा.

सभी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होंगी
मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा आयोजन के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सुधार है और इसे इस वर्ष से शुरू करने का निर्णय किया गया है. इस बारे में आज वेबसाइट पर कुछ सूचनाएं डाली जाएंगी और 2-3 दिनों में पूरी सूचना डाल दी जाएगी. केंद्रीय मंत्री ने बताया, ‘इन परीक्षाओं के संदर्भ में पाठ्यक्रम, प्रश्नों के रूप और भाषा के विकल्प के बारे में कोई बदलाव नहीं किया गया है. परीक्षा की फीस में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.’ प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ये परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होंगी. उन्होंने कहा कि इस बारे में छात्रों को घर पर या किसी केंद्र पर अभ्यास करने की सुविधा दी जाएगी. यह मुफ्त होगा. हर परीक्षा कई तिथियों को आयोजित होगी यानी 4-5 दिनों तक चल सकती हैं.

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किस परीक्षा में कितने छात्र
नीट 13 लाख
जेईई मेन्स 12 लाख
यूजीसी नेट 12 लाख
सीमैट 1 लाख
जीपैट 40 हजार

60 हजार सीटों के लिए होती है NEET
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश में हर साल 13 लाख से ज्यादा विद्यार्थी NEET यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट देते हैं. इस परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों में 60 हजार एमबीबीएस की सीटों पर छात्रों का दाखिला लिया जाता है. इसी तरह JEE (MAIN) की परीक्षा में हर साल 12 लाख से ज्यादा विद्यार्थी एपियर होते हैं. ये दोनों परीक्षाएं इस साल मई में ली जा चुकी हैं. लेकिन सरकार की नई व्यवस्था के तहत इसी साल दूसरी बार भी इन दोनों परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा. अगर आप मई की परीक्षा से संतुष्ट नहीं हैं तो दिसंबर में दूसरी बार होने वाली इन परीक्षाओं में बैठ सकते हैं.

(इनपुट – एजेंसी)

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