NEET PG 2023: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने NEET PG 2023 के क्वालीफाइंग परसेंटाइल को कम करके ‘शून्य’ करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया है. दरअसल, केंद्र NEET PG के क्वालीफाइंग परसेंटाइल को कम कर शून्य कर दिया है. मेडिकल छात्र इसका विरोध कर रहे हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी इसी तरह की याचिका दायर की गई थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने क्वालीफाइंग परसेंटाइल को शून्य करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज कर दी थी.
भारत के चीफ जस्टिस डी.वाई. की पीठ चंद्रचूड़, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस जे.बी. पारदीवाला ने कहा था,
”एक वकील एनईईटी-पीजी के लिए कट-ऑफ के बारे में क्या जान सकता है? आप अभ्यर्थी नहीं हैं. आप कैसे प्रभावित होंगे?’
इस पर वकील ने कहा कि इस फैसले से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होगी. हालांकि, पीठ ने यह कहते हुए मामले पर विचार करने से इनकार कर दिया कि याचिकाकर्ता के पास फैसले को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है. इसके बाद जनहित याचिका खारिज कर दी गई.
अब दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है. एनईईटी-पीजी 2023 परीक्षा में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए कट-ऑफ परसेंटाइल को घटाकर ‘शून्य’ करने के कुछ दिनों बाद, अधिसूचना के विरोध में कई डॉक्टर उम्मीदवारों द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की गई. जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव ने तीन एमबीबीएस डॉक्टरों की याचिका के जवाब में नोटिस जारी किया है, जिन्होंने 5 मार्च को एनईईटी-पीजी परीक्षा दी थी और काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल थे.
जज ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड और चिकित्सा परामर्श समिति के माध्यम से केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.
याचिका क्या कहती है?
याचिका में तर्क दिया गया है कि पात्रता मानदंड को शून्य परसेंटाइल यानी माइनस 40 अंक तक कम करने से एनईईटी पीजी परीक्षा आयोजित करने का मूल उद्देश्य विफल हो गया है. उन्होंने केंद्र द्वारा 20 सितंबर को जारी एक अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसमें परीक्षा के लिए क्वालीफाइंग परसेंटाइल को घटाकर ‘शून्य’ कर दिया गया है, जो सभी श्रेणियों में शून्य से 40 अंक के बराबर है.
NEET PG 2023 का कट-ऑफ परसेंटाइल घटाकर ‘शून्य’ कर दिया गया
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (MoHFW) द्वारा NEET PG काउंसलिंग 2023 के लिए PG पाठ्यक्रमों (मेडिकल) के लिए क्वालीफाइंग परसेंटाइल को सभी श्रेणियों में ‘शून्य’ कर दिया गया है. नोटिस जारी होने के बाद से कई अभ्यर्थियों और चिकित्सा संस्थानों ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है.
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