NEET: सीखने की कोई उम्र नहीं होती है. इस वाकया को ओडिशा के जय किशोर प्रधान ने साबित करके दिखा दिया है. उन्होंने इस साल की शुरुआत में NEET परीक्षा को क्रैक किया और राज्य के हजारों अन्य उम्मीदवारों की तरह प्रथम वर्ष के MBBS छात्र के रूप में एडमिशन लिए हैं. वह 64 साल के हैं और एक सेवानिवृत्त बैंकर हैं. प्रधान के इस कारनामे को भारत के चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में एक दुर्लभ घटना के रूप में वर्णित किया जा रहा है. उनका कहना हैं कि वह जब तक जीवित हैं, लोगों की सेवा करना चाहते हैं. Also Read - CBSE 10th 12th Board Exam Date Update: CBSE की 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा की तारीखों को लेकर शिक्षा मंत्री ने दिया यह बड़ा अपडेट

SBI के एक पूर्व अधिकारी प्रधान ने बुधवार को विकलांगता आरक्षण श्रेणी में वीर सुरेंद्र साई प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया है. VIMSAR के निदेशक ललित मेहर ने कहा, “यह देश में मेडिकल शिक्षा के इतिहास में दुर्लभ घटनाओं में से एक है. प्रधान ने इतनी उम्र में मेडिकल छात्र के रूप में प्रवेश पाकर एक मिसाल कायम की हैं.” प्रधान ने नेशनल एलिजिबिलिटी सह एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के लिए आवेदन किया था, जिसकी अधिकतम आयु सीमा नहीं है. उन्होंने सितंबर में एक अच्छा रैंक प्राप्त किया और VIMSAR के लिए योग्य पाए गए. Also Read - CBSE 12th Exam DateSheet: क्या जारी हो गई CBSE की 12वीं परीक्षा की डेटशीट? जानिये क्या है सच्चाई

बारगढ़ निवासी डॉक्टर ने कहा कि हाल ही में उनकी दो बेटियों की मौत ने उन्हें NEET परीक्षा के लिए बैठने और MBBS कोर्स में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया. प्रधान जिनका MBBS कोर्स पूरा होने तक उनकी उम्र 70 वर्ष होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि उम्र भी उनके लिए सिर्फ एक संख्या है. मेरा कोई व्यावसायिक इरादा नहीं है. मैं जीवित रहने तक लोगों की सेवा करना चाहता हूं. Also Read - CBSE 10th,12th Board Exams Latest updates: 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा की तारीखों को लेकर CBSE की तरफ ये आई यह नई जानकारी