NEET Toppers: नीट (नेशनल एलीजीबिलिटी इंट्रेंस एक्जामिनेशन-2020) में शत प्रतिशत अंक पाकर टॉप करने वाली कुशीनगर (अभिनायकपुर) की कुमारी आकांक्षा सिंह (Akanksha Singh) को बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सम्मानित किया. यहां अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षा की MBBS (UG) की पढ़ाई का पूरा खर्चा (प्रवेश, हॉस्टल, मेस आदि) राज्य सरकार उठाएगी. भविष्य में कोई दिक्कत न हो इसके लिए पूरी रकम एक मुश्त दी जाएगी.Also Read - NEET UG Counselling 2021: नीट यूजी काउंसलिंग की प्रक्रिया आज से शुरू, इन अहम दस्तावेजों की होगी जरूरत

योगी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों खास कर बालिकाओं के लिए आकांक्षा रोल मॉडल हैं. लोग उनसे प्रेरणा लें इसके लिए उनके गांव को जोड़ने वाली सड़क का नामकर उनके नाम पर होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अति पिछड़े जिले से होने के बावजूद आकांक्षा ने सफलता का जो कीर्तिमान रचा है वह उनकी मेहनत, लगन, जज्बे और जुनून का सबूत है. साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों खासकर बच्चियों के लिए प्रेरक भी. Also Read - UP Assembly Election 2022: भाजपा ने जारी की कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट, किसे मिला टिकट-कौन हुआ आउट, देखें List

नवरात्र में सरकार ने बहू-बेटियों के सम्मान, शक्तिकरण और स्वावलंबन के लिए जो कदम उठाया है उसके लिए भी आकांक्षा खुद में रोल मॉडल हैं. इस सफलता को लिए पूरे परिवार को मेरी शुभकामनाएं. मुझे पूरा भरोसा है कि आकांक्षा सफलता के इस सिलसिले को जारी रखेंगी. सरकार आकांक्षा को संयुक्त टॉपर घोषित करने के लिए नीट को पत्र भी लिखेगी. मालूम हो कि कम उम्र के नाते परीक्षा में पूरा अंक हासिल करने के बाद उनको दूसरा रैंक मिला है. Also Read - CM Yogi ने दलित के घर भोजन किया, बोले- भ्रष्टाचार जिनके जीन्स में हो, वे सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकते

मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi Adityanath) को आकांक्षा के पिता राजेंद्र राव ने बताया कि वह एअरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं, पर हाल ही में उनको प्रदेश सरकार में शिक्षक की नौकरी भी मिल गयी. इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि बिटिया का सलेक्सन, पत्नी (रूचि सिंह) भी शिक्षक, आपकी तो लॉटरी ही लग गई. पति पत्नी दोनों लोग पूरे मनोयोग से पढ़ाएं. पूर्व एयरफोर्स कर्मी होने के नाते मैं चाहूंगा कि आप पूर्वांचल के बच्चों को सेना में जाने के लिए भी प्रेरित करें. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा और उनके छोटे भाई अमृतांश को टैबलेट, माता-पिता को शॉल देकर सम्मानित किया.