नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) ने नीट 2020 (NEET 2020) एग्‍जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है. नीट का रिजल्ट एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया है. रिजल्ट के साथ एनटीए ने फाइनल प्रश्नोत्तर भी जारी कर दिए हैं. इस परीक्षा में उड़ीसा के शोएब आफताब ने 720 में से 720 अंक लाकर टॉप किया है.  उम्मीदवार जो इस परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे NEET की आधिकारिक वेबसाइट ntaneet.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट (NEET 2020 Result) चेक कर सकते हैं और डाउनलोड कर सकते हैं.Also Read - India's Forex Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.34 अरब डॉलर घटकर 641.113 अरब डॉलर पर, जानिए क्यों आई कमी

100 प्रतशित अंक पाने वाले शोएब के परजिन अपने बेटे की मेहनत और जज्बे से बहुत खुश हैं. फिलहाल टॉपर की लिस्ट अभी एनटीए की ओर से औपचारिक रूप से जारी होना बाकी है. Also Read - Punjab News: पंजाब की अमरिंदर सरकार ने 15 लाख परिवारों को मुफ्त बीमा कवर दिया

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NEET2020 टॉपर शोएब ने बताया कि मेरे परिवार में कोई डॉक्टर नहीं है, इसलिए मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी. मैंने शीर्ष 100 या शीर्ष 50 में जगह बनाने की उम्मीद की थी, लेकिन मैंने 720/720 स्कोर करने की कभी उम्मीद नहीं की थी. परीक्षा स्थगित की जा रही थी, इसलिए काफी दबाव था। लेकिन लक्ष्य शांत रहकर समय का सदुपयोग करना था.

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि मेडिकल कोर्सेस में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा ‘नीट’ के नतीजे शुक्रवार रात को घोषित कर दिए गए. परीक्षा में ओडिशा के शोएब आफताब ने पहला, जबकि दिल्ली की अकांक्षा सिंह ने दूसरा स्थान हासिल किया है.

– इस परीक्षा में करीब 13.66 लाख विद्यार्थी शामिल हुए जिनमें से कुल 7,71,500 उम्मीदवारों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है
– सबसे अधिक त्रिपुरा के उम्मीदवारों (88,889) ने परीक्षा में सफलता हासिल की
– दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र के प्रतिभागी रहे
– महाराष्ट्र के 79,974 प्रतिभागियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है
– राष्ट्रीय अर्हता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) कोविड-19 महामारी के बीच कड़े एहतियाती उपायों के साथ 13 सितंबर को कराई गई थी

– इस साल से देश के 13 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जवाहर लाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, पुडुचेरी की एमबीबीएस पाठ्यक्रम की सीटों पर भी नीट के जरिए प्रवेश होगा
– यह बदलाव पिछले साल संसद से पारित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम-2019 के तहत किया गया है

– इस बार नीट परीक्षा 11 भाषाओं- अंग्रेजी, हिंदी, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड, मराठी, उडिया, तमिल, तेलुगु और उर्दू् में कराई गई
– शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक 77 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अंग्रेजी भाषा में परीक्षा दी
– हिंदी भाषा में 12 प्रतिशत उम्मीदवारों ने परीक्षा दी
– अन्य भाषाओं में 11 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा दी
– कोविड-19 महामारी की वजह से इस साल नीट परीक्षा दो बार टाली गई
– सरकार ने अकादमिक सत्र को शून्य होने से बचाने के लिए एक वर्ग के विरोध के बावजूद परीक्षा कराने का फैसला किया

NEET 2020 की परीक्षा के लिए कुल 15.97 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था
–  लगभग 90 फीसदी परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था
– इस साल करीब 14.37 लाख से अधिक उम्मीदवार कोरोना महामारी के बावजूद 13 सितंबर को प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे
– कंटेनमेंट जोन में होने के चलते जो छात्र परीक्षा नहीं दे पाए थे, उनके लिए 14 अक्टूबर को फिर से परीक्षा का आयोजन किया गया था.
– रिजल्ट में थोड़ी देरी हुई.
–  इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों को देश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में संचालित एमबीबीएस व बीडीएस कोर्सेज में एडमिशन मिलेगा.

शिक्षा मंत्री ने नीट के रिजल्ट के बाद खुशी जताई
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने नीट के रिजल्ट के बाद खुशी जताई है और कहा, “विद्यार्थियों के करियर की प्रगति एवं बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए इन परीक्षाओं का आयोजन बेहद जरूरी था.” निशंक ने एनटीए को परीक्षा के बेहतर संचालन को लेकर बधाई दी है. उन्होंने कहा, “सभी लोगों के कठिन परिश्रम के चलते परीक्षा का सफल आयोजन और समय पर रिजल्ट जारी हो पाया है. कोविड महामारी के चलते देशभर में परीक्षा के आयोजन को लेकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई, लेकिन बेहतर संकल्प और इच्छाशक्ति के चलते न केवल छात्रों का एक साल बच गया है बल्कि देश-विदेश में कही भी अध्ययन में छात्रों को बाधा नहीं उत्पन्न होगी.”

 भविष्य के लिए इन परीक्षाओं का आयोजन करवाना जरूरी था
केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा, “वैश्विक आपदा कोविड-19 के कारण संपूर्ण विश्व का शैक्षिक एवं अकादमिक जगत व्यापक रूप से प्रभावित हो रहा था. वर्तमान हालात में शीघ्र ही हमें इस बीमारी से निजात मिलती हुई भी दिखाई नहीं दे रही थी. ऐसे में छात्रो के बेहतर भविष्य के लिए इन परीक्षाओं का आयोजन करवाना जरुरी था.”

इस परीक्षा का आयोजन करवाना किसी चुनौती से कम नहीं था
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, “राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी परीक्षा के संचालन में प्रशासनिक मदद की और विपरित परिस्थितियों में सहयोग किया. वहीं देशभर में लॉकडाउन का पालन करते हुए इस परीक्षा का आयोजन करवाना किसी चुनौती से कम नहीं था. इन परीक्षाओं के आयोजन से जहां छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बच गया, वहीं छात्रों की योग्यता, विश्वसनीयता, छात्रवृत्ति, पुरस्कार, प्लेसमेंट तथा विश्व के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की स्वीकार्यता और बेहतर भविष्य-निर्माण की संभावनाओं में अब कोई बाधा नहीं आएगी.”

बता दें कि तमाम विरोध के वाबजूद भी शिक्षा मंत्री ने नीट का आयोजन करवाया. विपक्ष ने इसपर राजनीति भी शुरू कर दी थी, लेकिन तमाम विरोधों की परवाह किए बगैर नीट का आयोजन करवाया गया.