NTA declares NEET 2020 All India Topper as failed: इस साल के नीट रिजल्ट (NEET Result) में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. दरअसल, नीट परीक्षा आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) यानी एनटीए ने एक ऐसे छात्र को फेल घोषित कर दिया जो वास्तव में अपने वर्ग में टॉपर था.Also Read - NEET UG Counselling 2021: AIQ और राज्‍य अनुसार काउंसलिंग के लिये शेड्यूल जारी, यहां चेक करें

हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनए की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी पीड़ा क्षेलने वाले छात्र का नाम मृदुल रावत है. एनटीए ने रावत को नीट परीक्षा के रिजल्ट में फेल घोषित कर दिया, लेकिन रावत को अपनी काबिलियत पर भरोसा था. इसलिए उन्होंने परीक्षा रिजल्ट को चुनौती दी. इसके बाद OMR Sheet और Answe Key का मिलान किया गया तो पाया गया कि मृदुल रावत अपने वर्ग के टॉपर हैं. Also Read - अलवर रेप केस: राजस्थान की मंत्री ममता भूपेश का बयान, 'दरिंदों को कोई तिलक नहीं लगा होता, हम सबको प्रयास करना होगा'- देखें वीडियो

मृदुल रावत अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आते हैं. वह राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर शहर के रहने वाले हैं. 17 वर्षीय मृदुल को नीट रिजल्ट में कुल 720 में से 329 अंक मिले थे. इसके बाद उन्होंने इस रिजल्ट को चुनौती दी. ओएमआर शीट और एंसर की का मिलान करने पर उनके 650 अंक आए. इस तरह 720 में 650 अंक हासिल कर वह एसटी कैटगरी में ऑल इंडिया टॉपर बने हैं. Also Read - AISSEE Admit Card 2022: सैनिक स्‍कूल प्रवेश परीक्षा के लिये एडमिट कार्ड जारी, डायरेक्‍ट लिंक से डाउनलोड करें

मृदुल के मुताबिक उनका ऑल इंडिया रैंक 3577 है. इतना ही रिचेकिंग के बाद भी मृदुल के मार्कशीट में एक और गड़बड़ी मिली. इस मार्कशीट में अंक में तो उनके नंबर 650 लिखे गए हैं लेकिन शब्दों में उनके नंबर तीन सौ उन्नतीस लिखे हैं.

एनटीए ने पिछले सप्ताह नीट 2020 (NEET 2020) का रिजल्ट जारी किया था. इसकी परीक्षा 13 और 14 सितंबर को हुई थी. इस साल मेडिकल काउंसलिंग ऑफ इंडिया की जगह नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) काउंसलिंग करेगा.

इस परीक्षा में जिन छात्रों के नंबर 50 फीसदी या उससे अधिक आए हैं उन्हें सफल घोषित किया जाता है. लेकिन मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में उन्हें मेरिट के आधार पर सीट ऑफर किए जाते हैं.