Reservation in Medical College: स्टालिन ने कहा- सरकारी स्कूलों के छात्रों के आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल की मंजूरी न मिलने तक करेंगे विरोध

Reservation in Medical College: तमिलनाडु गवर्नमेंट स्कूल्स बिल, 2020 छात्रों को मेडिसिन, डेंटिस्ट्री, इंडियन मेडिसिन और होम्योपैथी के अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों से पास हुए छात्रों को 7.5 प्रतिशत का आरक्षण देता है.

By India.com Hindi News Desk | Published:Sat, October 24, 2020 3:08pm

Reservation in Medical College: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन (M. K. Stalin) ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी तब तक विरोध प्रदर्शन करती रहेगी, जब तक कि राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित (Banwarilal Purohit) तमिलनाडु में मेडिकल कॉलेज में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए आरक्षण देने वाले विधेयक को मंजूरी नहीं दे देते. विधेयक को मंजूरी के लिए करीब 40 दिन से राज्यपाल के पास भेजा गया है और डीएमके इसे मंजूरी देने के लिए बड़े स्तर पर मांग कर रही है. स्टालिन ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) से राज्य को छूट दिलाने के लिए सभी कानूनी प्रयास करेगी. Also Read - Reservation in Medical College: मेडिकल कॉलेजों में सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा 7.5% आरक्षण, सरकार ने लिया ये अहम फैसला 

तमिलनाडु गवर्नमेंट स्कूल्स बिल, 2020 छात्रों को मेडिसिन, डेंटिस्ट्री, इंडियन मेडिसिन और होम्योपैथी के अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों से पास हुए छात्रों को 7.5 प्रतिशत का आरक्षण देता है. सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक सरकार की निंदा करते हुए स्टालिन (M. K. Stalin) ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री के.पलानीस्वामी राज्यपाल से विधेयक पर अपनी सहमति देने का आग्रह क्यों नहीं कर रहे हैं. विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने कहा कि नीट से छूट की मांग करने वाले दो विधेयकों को 2017 में विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) के पास उनकी सहमति के लिए भेजा गया था. हालांकि, बिलों को सात महीने बाद तमिलनाडु वापस भेज दिया गया था. अब यह मामला 23 महीने बाद एक कोर्ट केस के कारण सार्वजनिक तौर पर सामने आया है. Also Read - Reservation in Medical College: स्टालिन ने कहा- सरकारी स्कूलों के छात्रों के आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल की मंजूरी न मिलने तक करेंगे विरोध

स्टालिन (M. K. Stalin) ने कहा, "NEET के नतीजे आ चुके हैं और जल्द काउंसलिंग शुरू होनी चाहिए. अगर राज्यपाल विधेयक को मंजूरी देते हैं, तो सरकारी स्कूलों के 300 छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा वरना केवल 8 छात्रों को प्रवेश मिलेगा." गुरुवार को स्टालिन ने कहा था कि उनकी पार्टी पुरोहित के पत्र का जवाब मिलने तक राजभवन के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी. वहीं पुरोहित ने कहा है कि उन्हें तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मेडिकल कॉलेज में 7.5 प्रतिशत का आरक्षण देने वाले बिल पर निर्णय लेने के लिए 3 से 4 सप्ताह का समय चाहिए. Also Read - अमित शाह के बाद तमिलनाडु के गवर्नर और यूपी के BJP प्रदेश अध्‍यक्ष भी कोरोना पॉजिटिव

Published:Sat, October 24, 2020 3:08pm

Tags

Banwarilal Purohit DMK president M K Stalin K. Palaniswami Reservation in Medical College

Career Hindi News

CTET 2020 Exam: आज CTET 2020 परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी बदलने का है आखिरी तारीख, जानें इससे संबंधित पूरी डिटेल
Bihar Police Constable Recruitment Exam 2020 Date: CSBC ने जारी किया Bihar Police Constable एग्जाम का डेट, इस दिन से शुरू होगी परीक्षा
Sarkari Naukri 2020: 10वीं पास के लिए इस राज्य में 798 से अधिक Anganwadi पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन 
SSC Delhi Police Constable Exam 2020: SSC कल से आयोजित कर रहा है Delhi Police Constable 2020 की परीक्षा, जानें इससे संबंधित पूरी डिटेल 
MP Post Office GDS Result 2020 Declared: भारतीय डाक ने MP Post Office GDS 2020 का रिजल्ट किया जारी, इस Direct Link से करें चेक

Latest News

kisaan Aandolan Today: उग्र हुआ किसानों का ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन, दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
टीवी के इस हिट सीरियल की हो रही है डिजिटल वापसी, वेब सीरीज के रूप में आएगा सेकेंड पार्ट
फिर से बड़ी मुसीबत में फंसने वाले हैं Lalu Prasad Yadav, झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा मामला, जानिए
IND vs AUS, 1st ODI: आकाश चोपड़ा ने ऑलराउंडर्स के विभाग में भारत को पाया कमजोर, बोले- हार्दिक के पास...
Lakshmi Vilas Bank News: आज के बाद नहीं होगी लक्ष्मी विलास बैंक के शेयर की ट्रेडिंग, शेयर धारकों को होगा भारी नुकसान

Explore more