Delhi School Reopening Latest News: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में बंद पड़े स्कूलों के खुलने की संभावना तब तक नहीं है जब तक की कोरोना वैक्सीन आ नहीं जाते. देश भर के विश्वविद्यालयों और स्कूलों को कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण लागू लॉकडाउन की वजह से 16 मार्च को बंद कर दिया गया था. लॉकडाउन (Lockdown) का यह कदम केंद्र ने कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उठाया था. दिल्ली के शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने कहा, “जब तक हमें कुछ टीके नहीं मिल जाते, तब तक स्कूल खुलने की संभावना नहीं है.”  उन्होंने 30 अक्टूबर को घोषणा की थी कि अगले आदेश तक स्कूल बंद रहेंगे. अभी तक पैरेंट्स अपने बच्चों को वार्ड के स्कूलों में भेजने के पक्ष में नहीं हैं.Also Read - News Highlights 13 May 2022: दिल्ली के मुंडका में आग का कहर, 27 की मौत, केजरीवाल ने कहा- बहुत दुखी हूं

सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा था, “हम माता-पिता से प्रतिक्रिया प्राप्त करते रहते हैं. वे वास्तव में चिंतित हैं कि क्या यह स्कूलों को फिर से खोलने के लिए सुरक्षित है, यह नहीं है. जहां कहीं भी स्कूल फिर से खोले गए हैं, वहां बच्चों के बीच COVID-19 के मामले बढ़ गए हैं. इसलिए हमने फैसला किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अब स्कूल नहीं खुलेंगे और अगले आदेश तक बंद रहेंगे. देशभर में 25 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया था. ‘Unlock’ के विभिन्न चरणों में कई प्रतिबंधों के साथ ढील दी गई थी, लेकिन शिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं. Also Read - मनीष सिसोदिया ने अमित शाह को लिखा खत, कहा- दिल्ली में बुलडोजर से घरों को तोड़ने का काम कृपया रोकें

‘Unlock 5’ दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य फेज वाइज स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी गई थी. कई राज्यों ने स्कूलों को फिर से खोलने की प्रक्रिया भी शुरू की थी. लेकिन उनमें से कुछ ने कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के कारण फिर से बंद करने की घोषणा कर दी है. इससे पहले, स्कूलों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को स्वैच्छिक आधार पर 21 सितंबर से स्कूल में बुलाने की अनुमति दी गई थी. हालांकि, दिल्ली सरकार ने इसके खिलाफ थी. अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में सोमवार को COVID-19 के 4,454 नए मामले सामने आए हैं और 11.94 % पॉजिटिव रेट हैं जबकि 8,512 पॉजिटिव केस में 121 मृत्यु दर है. Also Read - खलिस्तानी झंडे के मुद्दे पर राजनीति तेज, सिसोदिया ने BJP को घेरा, कुमार बोले- मैंने पहले चेताया था