School Tuition Fee Reduce: राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने राज्य के CBSE बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों को आदेश दिया है कि वे कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए अपनी ट्यूशन फीस में 30 प्रतिशत की कटौती करें. इसके अलावा राज्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को कक्षा 9-12वीं के छात्रों की फीस 40 प्रतिशत तक कम करनी होगी. राजस्थान शिक्षा विभाग (Rajasthan Education Department) ने 28 अक्टूबर, 2020 को यह आदेश जारी किया है. Also Read - Rajasthan REET Exam 2020 Notification: राजस्थान REET 2020 परीक्षा के लिए इस महीने जारी होगा नोटिफिकेशन, शिक्षा मंत्री ने कही ये बात 

CBSE द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस को कम करने के कारण ट्यूशन शुल्क में 30 प्रतिशत की कमी आई है, इसी तरह राजस्थान बोर्ड (Rajasthan Board) ने पाठ्यक्रम में 40 प्रतिशत की कमी की है और शुल्क में भी 40 प्रतिशत की कमी की है. आदेश के अनुसार, “CBSE ने स्कूल के सिलेबस को कक्षा 9वीं से घटाकर 30 फीसदी कर दिया, इसलिए उनकी स्कूल ट्यूशन फीस में 30 फीसदी की कमी की जानी चाहिए. वहीं, राजस्थान बोर्ड (Rajasthan Board) ने सिलेबस में 40 फीसदी की कमी की है, इसलिए उन्हें फीस में 40 फीसदी की कमी करनी चाहिए.” Also Read - राजस्थान में पटाखों की बिक्री व आतिशबाजी पर लगेगी रोक, इस वजह से लिया गया फैसला

प्रोग्रेसिव एसोसिएशन स्कूल ऑफ राजस्थान ने भी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ स्कूल ट्यूशन फीस में 30 प्रतिशत की कटौती करने की याचिका दायर की है. दलील में लिखा है, “यह फैसला सही नहीं है. यह भेदभावपूर्ण है. यदि इसे लागू किया जाता है, तो हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कैसे किया जा सकता है यदि फीस 30 से 40 फीसदी कम हो जाती है.” Also Read - School Fees: स्कूल फीस में 40 फीसदी तक होगी कटौती, सरकार ने दिया निर्देश

शिक्षा विभाग (Education Department) ने 2 नवंबर, 2020 से स्कूलों के फिर से खोलने पर सुझाव लेने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और दिशानिर्देशों के साथ एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की. यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों के लिए कोई समान निर्णय नहीं लिया गया है और उन्हें अभी तक स्कूलों को रिपोर्ट करने के लिए नहीं कहा जा सकता है. इस प्रकार, अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. उनकी स्कूल फीस पर फैसला स्कूलों के खुलने के बाद लिया जाएगा.

मार्च 2020 से स्कूलों को बंद किया जा रहा है, यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा फीस मुद्दे पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए एक समिति का गठन किया गया था. ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कई अभिभावक ‘नो स्कूल, नो फी’ की मांग करते हुए एक अभियान चला रहे हैं.