नई दिल्‍ली: केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी ने गुरुवार को एक मां के तौर पर विशेष गौरव महसूस किया, जब उन्‍हें पता चला कि उनके बेटे ने सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में इकॉनोमिक्‍स विषय में 94 फीसदी अंक हासिल किए हैं. केंद्रीय मंत्री ईरानी के बेटे जौहर को कुल 91 फीसदी अंक हासिल हुए हैं. सीबीएसई का 12वीं का रिजल्‍ट दोपहर में घोषित हुआ, जिसके बाद ईरानी ने ट्वीट कर बेटेे की सफलता पर अपनी खुशी का इजहार किया. जौहर ने 4 विषयों में 91 फीसदी अंक हासिल किए हैं. वहीं, दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बेटे ने 96.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं.

स्‍मृति ईरानी ने ट्वीट कर कहा, ये जोर से कहना ठीक है.. मेरे बेटे जौहर पर गर्व है.. न केवल वह वर्ल्‍ड केम्‍पो चैम्‍प‍ियनशिप से कांस्‍य पदक लेकर लौटा, बल्‍कि 12वीं बोर्ड में अच्‍छे नंबर लाए. चार में 91 फीसदी.. खासतौर पर इकोनॉमिक्‍स में 94 परसेंट.. माफ करना एम एम जस्‍ट ए ग्‍लोटिंग मॉम..

सीएम केजरीवाल की पत्‍नी सुनीता ये जानकारी ट्वीट करके दी है. सुनीता केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा, ”ईश्‍वर की कृपा और शुभचिंतकों के आशिर्वाद से बेटे ने सीबीएसई की कक्षा12वीं में 96.4 परसेंटाइल पाया है.”

सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा के घोषित नतीजों में लड़कियों ने लड़कों से बाजी मार ली. गाजियाबाद की हंसिका शुक्ला और मुजफ्फरनगर की करिश्मा अरोड़ा 500 अंक में से 499 अंक हासिल कर टॉपर बनीं. ऋषिकेश की गौरांगी चावला, रायबरेली की ऐश्वर्या और जींद से भाव्या 500 में से 498 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे. दिल्ली से नीरज जिंदल और महक तलवार उन 18 छात्रों में शामिल हैं, जिन्होंने परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल किया.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के नतीजे अंतिम परीक्षा के 28 दिन के अंतर घोषित किए गए हैं. 12वीं की परीक्षा 16 फरवरी को शुरू हुई थी, जो पिछले साल की तुलना में पहले शुरू की गई थी. नतीजों की घोषणा आम तौर पर मई के तीसरे सप्ताह में होती है, लेकिन यह भी पहले की तुलना में काफी पहले घोषित की गई है. इस परीक्षा में करीब 13 लाख छात्र बैठे थे.

बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12 वीं कक्षा के परिणाम में लड़कियां, लड़कों के मुकाबले अव्वल रहीं, 12वीं कक्षा के परिणामों में तिरूवनंतपुरम क्षेत्र में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत सबसे अधिक रहा. बोर्ड एक एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, लड़कियों के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 88.70 रहा जो लड़कों के उत्तीर्ण प्रतिशत 79.40 के मुकाबले नौ प्रतिशत अधिक है. ट्रांसजेंडरों का उत्तीर्ण प्रतिशत 83.3 रहा.