BPSC Success Story: बिहार के पूर्णिया जिले के मयंक प्रकाश ने 66वीं बीपीएससी परीक्षा में पहले ही प्रयास में 14वां स्थान हासिल कर सभी को चौंका दिया. बिना कोचिंग और सीमित समय में सेल्फ स्टडी के दम पर उन्होंने स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद हासिल किया. उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि अनुशासन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
मयंक का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा पूर्णिया में हुई. 10वीं डीएवी पब्लिक स्कूल, पूर्णिया से और 12वीं डीपीएस बोकारो से पूरी की. इसके बाद, उन्होंने बेंगलुरु के बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री ली. पढ़ाई में शुरू से अव्वल रहे मयंक ने पढ़ाई के साथ-साथ अपने करियर का लक्ष्य भी स्पष्ट रखा और समाज की सेवा के लिए सिविल सेवा का सपना देखा.
मयंक ने नौकरी के साथ पढ़ाई के लिए समय प्रबंधन पर ध्यान दिया. वे रोजाना 3-4 घंटे पढ़ाई करते थे और वीकेंड पूरी तरह पढ़ाई को समर्पित करते थे. करंट अफेयर्स के लिए रोजाना अखबार पढ़ा और वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र पर विशेष ध्यान दिया. इंटरव्यू की तैयारी के लिए उन्होंने मॉक इंटरव्यू और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग किया. उनके अनुशासित अध्ययन और ठोस रणनीति ने उन्हें सफलता दिलाई.
मयंक की कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों और कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहता है. उनका मानना है कि समय का सही उपयोग, नियमितता और मेहनत से किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है. उनकी सफलता ने साबित कर दिया कि कोचिंग के बिना भी मजबूत इरादों से सफलता संभव है. मेहनत और लगन के दम पर किसी भी चैलेंज को पार किया जा सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Career Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.