नई दिल्लीः इन दिनों उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के शिक्षक एक नई परेशानी से जूझ रहे हैं. योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शिक्षकों की उपस्थिति के लिए नए नियम बनाए हैं. इन नियमों के तहत सभी स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति के लिए सरकार ने प्रेरणा ऐप और प्रेरणा वेब पोर्टल की सुविधा को लॉन्च किया है. सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में इन्हीं ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से ही स्कूली शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी. इसके लिए शिक्षकों को अपनी सेल्फी खीचकर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. शिक्षकों ने सरकार के इस नियम का कड़ा विरोध किया है और इसे वापस लेने के लिए कहा है.

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शिक्षकों को जैसे ही इस बात की जानकारी लगी कि सरकार उपस्थिति के लिए इस तरह के नियम को लागू कर रही है सभी में आक्रोश जाग उठा और लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन करने लगे. गुरुवार को शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ सड़क में उतर कर विरोध प्रदर्शन भी किया. बता दें कि इस नियम के आधार पर शिक्षकों को अपने स्कूल के सामने दिन में अलग अलग टाइम पर तीन सेल्फी लेनी होगी और इसके बाद इन्हें प्रेरणा वेब पोर्टल पर अपलोड करना होगा.

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दी जा रही है मानसिक प्रताड़ना
शिक्षकों से जब इस बारे में बात किया गया तो उन्होंने कहा कि जब देश के बड़े से बड़े मंत्री, विधायक यहां तक कि शहर का डिएम भी इस तरह से उपस्थिति नहीं देते तो फिर हमारे साथ यह नियम क्यूं. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ना दी जा रही है जिस पर सरकार को विचार करना चाहिए. वहीं जब दूसरी तरफ सरकार से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे शिक्षक हैं जो बच्चों को पढ़ाने और स्कूल पहुंचने में लापरवाही बरतते हैं जिसके लिए यह नियम काफी महत्वपूर्व है.

यह हैं सेल्फी के नियम
शिक्षकों की उपस्थिति के लिए सरकार ने जो नियम बनाए हैं उसके लिए शिक्षकों को कुछ नियमों का पालन करना होगा. इसमें शिक्षकों को पूरे दिन में तीन बार सेल्फी लेनी होगी. इसमें उन्हें सुबर दोपहर और शाम को सेल्फी खीचनी होगी. सेल्फी खीचते वक्त इस बात का ध्यान रखना होगा कि पीछे स्कूल दिखे. दोपहर वाली सेल्फी बच्चो के साथ मिड डे मील की होनी चाहिए और आखिरी वाली तीसरी सेल्फी शाम को छुट्टी के समय बच्चों के साथ होनी चाहिए.