नई दिल्ली: टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में चीन ने एशिया के अन्य देशों को पीछे छोड़ते हुए पहली बार टॉप पोजिशन हासिल किया है. टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2019 में जिन्हुआ यूनिवर्सिटी ने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर को पीछे छोड़ते हुए एशिया में बेस्ट यूनिवर्सिटी का खिताब अपने नाम कर लिया है. 30वें नंबर से यह यूनिवर्सिटी 22वें नंबर पर पहुंच गई है. नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर 22वें स्थान से फिसलकर 23वें स्थान पर चली गई है. जिन्हुआ यूनिवर्सिटी ने बिजिंग की पेकिंग यूनिवर्सिटी को भी पीछे छोड़ दिया है. यूनिवर्सिटी की ग्लोबल रैंकिंग में जिन्हुआ यूनिवर्सिटी का प्रदर्शन लगातार सुधरा है.

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यह पहली बार है जब चीन की यूनिवर्सिटी ने 2011 के बाद एशिया में शीर्ष स्थान हासिल किया है. यूनिवर्सिटी की इस रैंकिंग में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर ने 2016 से 2018 तक एशिया में पहला स्थान बरकरार रखा, वहीं 2011 से 2015 तक टोक्यो यूनिवर्सिटी टॉप पर थी. जिन्हुआ यूनिवर्सिटी ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है. अपनी संस्थागत आय में वृद्धि की है और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों, छात्रों और सह-लेखन प्रकाशनों के अधिक शेयरों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को बढ़ाया है. जिन्हुआ यूनिवर्सिटी अंतरराष्ट्रीय मामलों और प्रोवोस्ट वाइस प्रेसिडेंट यांग बिन का कहना है कि यूनिवर्सिटी के हालिया प्रयासों ने इसे बेहतर बनाने में मदद की है.

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टॉप-10 यूनिवर्सिटी
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-यूनाइटेड किंगडम
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी- यूनाइटेड किंगडम
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी- संयुक्त राज्य अमेरिका
मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान संयुक्त राज्य अमेरिका
कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी संयुक्त राज्य अमेरिका
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी संयुक्त राज्य अमेरिका
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी संयुक्त राज्य अमेरिका
येल यूनिवर्सिटी संयुक्त राज्य अमेरिका
इंपीरियल कॉलेज लंदन यूनाइटेड किंगडम
शिकागो यूनिवर्सिटी संयुक्त राज्य अमेरिका

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हायर एजुकेशन के प्रोफेसर और ग्लोबल हायर एजुकेशन सेंटर के निदेशक साइमन मार्जिनसन का कहना है कि जिन्हुआ यूनिवर्सिटी के प्रदर्शन से बिल्कुल हैरान नहीं हैं. मैथ्स और कंप्यूटिंग में रिसर्च के लिए यह दुनिया की नंबर-1 यूनिवर्सिटी है. इस मामले में चीन अमेरिका और यूरोप से आगे बढ़ गया है. भौतिक विज्ञान और इंजीनियरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उनका कहना है कि जिन्हुआ यूनिवर्सिटी अगर आज मजबूत हुआ है तो डबल क्लास प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाली फंडिग से आने वाले 5 सालों में यह कितना आगे जाएगा. इसे रिसर्च के लिए चीन के उद्यमों से अधिक सहायता मिलेगी.

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दुनिया के कई भौतिक वैज्ञानिक जिन्हुआ यूनिवर्सिटी में काम करना चाहते हैं, जैसे कि वे एमआईटी, बर्कले या कैम्ब्रिज में काम करना चाहते हैं.सिर्फ जिन्हुआ यूनिवर्सिटी ही नहीं झेजियांग यूनिवर्सिटी ने 76 नंबर की छलांग लगाई है. इसने सभी पांच मानकों टीचिंग पिलर, रिसर्च इनकम, रिसर्च वॉल्यूम, इंडस्ट्री इनकम और अंतरराष्ट्रीय छात्रों का अनुपात के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है.

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