Unnat Bharat Abhiyan: भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (ट्राइफेड) ने जनजातीय समुदायों के लिये आजीविका के अवसर बढ़ाने व आय सृजन करने को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ‘उन्नत भारत योजना’ के तहत आईआईटी दिल्ली के साथ एक साझेदारी की है. उन्नत भारत योजना ग्रामीण समुदायों की आर्थिक व सामाजिक बेहतरी के लिए गांवों के साथ उच्च शिक्षा संस्थानों को जोड़ती है. Also Read - HRD मंत्री ने कम लागत वाली Covid-19 टेस्ट किट का किया शुभारंभ,  IIT दिल्ली ने इसे किया विकसित 

एक बयान में कहा गया है कि इस साझेदारी को औपचारिक रूप देने के लिये शुक्रवार को ट्राइफेड, आईआईटी दिल्ली और स्वदेशी विज्ञान अभियान, विज्ञान भारती के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किये गये. ट्राइफेड जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत काम करता है. ट्राइफेड के ‘वन धन’ कार्यक्रम के तहत जनजातीय उद्यमी अब उन्नत भारत योजना के 2,600 से अधिक शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के पूरे नेटवर्क की विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे. आईआईटी दिल्ली उन्नत भारत योजना के लिये राष्ट्रीय समन्वय संस्थान है. Also Read - IIT अपने JEE के सिलेबस में कर सकता है कटौती, JEE Advance 2020 के परीक्षा पैटर्न में हो सकता है बदलाव, जानें पूरी डिटेल

ट्राइफेड और आईआईटी दिल्ली मिलकर जनजातीय लोगों के लिये आजीविका और आय-सृजन कार्यक्रमों को बढ़ावा देने वाले हैं. विशेष रूप से, यह साझेदारी ‘वन धन योजना’ के तहत स्थापित वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से आजीविका बढ़ाने में मदद कर सकती है. ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने कहा, “लघु वन उपज (एमएफपी) से इतर जाकर कृषि, बागवानी, फूलों की खेती, औषधीय और सुगंधित पौधों आदि से लेकर कई तरह की आर्थिक गतिविधियों में संलग्न करके जनजातीय लोगों के लिये साल भर की कमाई के अवसरों को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है.” Also Read - इन चीजों में पाई जाती है कोरोना वायरस से लड़ने की औषधीय क्षमता, जानिए पूरी डिटेल