नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ रही पूर्वोत्तर की उन 13 छात्राओं की मदद के लिए रविवार को आगे आए जिन्हें उनके हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ‘‘जब तक चाहे’’ अपने हॉस्टल में रह सकती हैं. पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने इस मामले में तब हस्तक्षेप किया जब दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं से 31 मई तक नॉर्थ ईस्टर्न स्टूडेंट्स हाउस फॉर वुमन को खाली करने के लिए कहा. Also Read - Delhi University Exams 2020: इस तारीख से शुरू होगी DU की परीक्षाएं, फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ी, जानें यहां डिटेल

प्रशासन ने छात्राओं से इस महीने के अंत तक भोजनालय के ठेके की अवधि खत्म होने के कारण जल्द से जल्द से हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा था. हॉस्टल में करीब 100 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है लेकिन लॉकडाउन के कारण 13 छात्राएं वहां फंसी हुई हैं. सिंह ने यहां कहा, ‘‘मैंने छात्राओं के संबंध में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वाई सी त्यागी से बात की और मामले का समाधान निकाला. वे जब तक चाहे आराम से हॉस्टल में रह सकती हैं.’’ Also Read - कोरोना वायरस के कारण दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सभी एग्जाम किए पोस्टपोन्ड

मंत्री ने कहा कि जब देश में लॉकडाउन चल रहा है तो किसी को भी छात्राओं को परेशानी में नहीं डालना चाहिए. केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने उचित समय पर हस्तक्षेप करने और पूर्वोत्तर की परेशानी में फंसी छात्राओं की मदद के लिए सिंह का आभार जताया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘शुक्रिया डॉ. जितेंद्र सिंह जी. हम लगातार नजर रख रहे हैं और जब भी भारत में विभिन्न स्थानों पर ऐसे मुद्दे सामने आते हैं तो सरकार समय पर हस्तक्षेप करती है.’’ Also Read - केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा- जम्मू-कश्मीर में लागू होंगे RTI कानून के सभी प्रावधान