University Final Year Exam: देश भर के विश्वविद्यालयों में फाइनल ईयर परीक्षा करवाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने UGC से जबाव मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार 31 जुलाई को होगी. दायर याचिका में एक COVID पॉजिटिव छात्र सहित छात्रों के एक समूह द्वारा शीर्ष अदालत में सुनवाई के लिए आवेदन किया गया है, अंतिम परीक्षा को रद्द करने की मांग करते हुए वे दावा कर रहे हैं कि यह “जीवन के अधिकार” के खिलाफ है. हालांकि यूजीसी के संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालयों को सितंबर के अंत तक टर्म-एंड परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. Also Read - Final Year Exam: इस यूनिवर्सिटी का घर बैठे दे सकते हैं फाइनल ईयर का एग्जाम, परीक्षा के लिए दिए जाएंगे 3 घंटे का समय

यूजीसी के अनुसार देशभर के 755 विश्वविद्यालयों में से 366 अगस्त या सितंबर में परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अपने संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिससे अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित करना अनिवार्य हो गया है, इस फैसले की व्यापक रूप से आलोचना की गई है. वहीं देशभर के छात्र और शिक्षाविद आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर बड़े पैमाने पर पदोन्नति की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर यूजीसी ने अपना रुख बनाए रखा है. बॉम्बे हाईकोर्ट को संबोधित करते हुए यूजीसी ने कहा था, “अंतिम वर्ष की परीक्षा रद्द करने का निर्णय सीधे भारत में उच्च शिक्षा के मानकों को प्रभावित करेगा.” Also Read - Final Year Exam: UGC गाइडलाइंस के तहत राजस्थान में इस महीने में होगी परीक्षा, सीएम गहलोत ने दिए ये संकेत

यूजीसी के पूर्व प्रमुख, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी सहित अन्य लोगों ने पत्र लिखकर परीक्षा रद्द करने की मांग की है. UGC ने अपने बचाव में कहा है कि विश्वविद्यालयों को परीक्षा का तरीका चुनने की स्वतंत्रता है. यह परीक्षा शारीरिक, ऑनलाइन या मिश्रित भी हो सकती है. Also Read - IPU Exams 2020: GGSIPU सितंबर के चौथे सप्ताह में आयोजित करेगा फाइनल ईयर का एग्जाम, इस दिन जारी होगा डेटशीट