नई दिल्‍ली: केंद्र सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले सामान्‍य वर्ग के उम्‍मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा घटाए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है. केन्द्र सरकार का कहना है कि आयु मानदंड को लेकर सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है. ऐसी रिपोर्ट और अटकलों पर विराम लगाया जाना चाहिए. बता दें कि नीति आयोग ने केद्र सरकार को सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा को घटाकर 27 वर्ष करने का सुझाव दिया था.Also Read - UPSC CAPF Result 2021 Declared: जारी हुआ UPSC CAPF 2021 का रिजल्ट, इस Direct Link से करें चेक 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मंगलवार को पीएमओ राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सिविल सेवा की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए पात्रता के आयु मानदंड में बदलाव के लिए सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है. इस बाबत मीडिया में आ रही रिपोर्ट और अटकलों पर विराम लगाया जाना चाहिए. इसके अलावा, सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा में संभावित कमी के बारे में मीडिया रिपोर्टों पर ध्यान आकर्षित किया गया है. उन्‍होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. बता दें कि यूपीएससी परीक्षा में बैठने की अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष है.

सिविल सेवा परीक्षा में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की आयु-सीमा घटाकर 27 करने की तैयारी

नीति आयोग ने की थी सिफारिश

बता दें कि नीति आयोग ने केंद्र सरकार से सिफारिश की थी कि साल 2022-23 तक धीरे-धीरे सिविल सर्विसेज में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु को घटाकर 27 साल कर दिया जाए. साथ ही सिविल सर्विसेज के लिए केवल एक ही परीक्षा करने का भी सुझाव दिया गया था.