UPSC Exam: केंद्र सरकार (Central Government) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया कि वह उन उम्मीदवारों को एक और मौका देने के पक्ष में नहीं हैं, जिन्होंने COVID-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में अपने आखिरी प्रयास के मौके से चूक गए थे. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के लिए पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा, “हम एक और मौका देने के लिए तैयार नहीं हैं. कल रात मुझे निर्देश मिला कि हम इससे सहमत नहीं हैं.”Also Read - UPSC ESE Prelims Exam 2022: यूपीएससी ने घोषित की प्रारंभिक परीक्षा की तारीख, यहां देखें टाइम टेबल

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा और वह सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सिविल सेवा उम्मीदवार रचना सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जो उन उम्मीदवारों के लिए UPSC Exam में अतिरिक्त प्रयास करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2020 में आयोजित प्रीलिम्स परीक्षा में अपना फाइनल प्रयास किया था और COVID-19 महामारी के कारण चूक गए थे. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने EC और केंद्र को जारी किया नोटिस, कहा- सार्वजनिक पैसों से मुफ्त की चीजें बांटने वालों का पंजीकरण हो रद्द

कोर्ट ने 30 सितंबर को केंद्र और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को निर्देश दिया था कि वे वर्ष 2020 में सिविल सेवा परीक्षा (UPSC Civil Services Exam) में फाइनल प्रयास करने वाले उम्मीदवारों को अतिरिक्त मौका देने पर विचार करें क्योंकि वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे. शीर्ष अदालत ने अधिकतम आयुसीमा को बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया था. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने 26 अक्टूबर को अदालत को सूचित किया था कि अंतिम मौका वाले उम्मीदवारों को अतिरिक्त प्रयास देने का मामला अधिकारियों के बीच विचाराधीन था. Also Read - Reliance Vs DMRC: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, समझौते के लिए बातचीत का सवाल ही नहीं

न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने 11 जनवरी को सूचित किया था कि सरकार COVID-19 की वजह से UPSC की परीक्षा प्रभावित छात्रों को एक और अवसर देने के प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं.