नई दिल्ली: यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन (UPSC) ने रविवार को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की. 782 पदों पर नियुक्ति के लिए देशभर से बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए. परीक्षा में शामिल छात्रों के अनुसार यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का फर्स्ट पेपर (जनरल स्टडीज) थोड़ा मुश्किल था. कुछ परीक्षार्थियों के अनुसार पहला पेपर आमतौर पर ज्यादा मुश्किल नहीं होता, पर इस साल अपवाद देखने को मिला है.

परीक्षा देने वाले छात्रों के अनुसार इस साल ज्यादातर सवाल इतिहास आधारित थे. ऐसा भी कम ही देखने को मिलता है. इस बार पैटर्न में भी काफी बदलाव था. परीक्षार्थियों का कहना था कि 100 प्रश्नों में ज्यादातर इतिहास और अर्थशास्त्र आधारित प्रश्न ही थे.

पिछले साल UPSC civil services (mains) परीक्षा में पास होने वाली शिवानी शर्मा के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस साल का पेपर बिल्कुल अलग था. अंग्रेजी का सेक्शन तो ठीक था, पर मैथ्स का सेक्शन जरा मुश्किल था इस बार. पिछले साल एप्टिट्यूड टेस्ट को संभालना जरा आसान था.

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इस साल गद्यांश बहुत बड़े थे. इसलिए इसे पढ़ने में काफी समय लगा. GS पहले पेपर में इतिहास के 18, अर्थशास्त्र के 16, राजव्यवस्था के 11, विज्ञान प्रौद्योगिकी, समसामयिकी के 10-10, पर्यावरण प्रौद्योगिकी के आठ, भूगोल के 11, कला संस्कृति और कृषि प्रौद्योगिकी के तीन-तीन और सामान्य विविध के 10 प्रश्न पूछे गए थे. वहीं दूसरे प्रश्न पत्र में गणित के 20, Probability के 5, सांख्यिकी के 14, रिजनिंग के 16 प्रश्न पूछे गए थे, जबकि 25 प्रश्न गद्यांश पर आधारित थे.