UPSC Success Story: UPSC की परीक्षा दुनिया के कुछ चुनिंदा कठिन परीक्षाओं में से एक है. यही कारण है लाखों लोग प्रीलिम्स में आवेदन करते हैं, मेन्स में कुछ हजार लोग पहुंचते हैं और इंटरव्यू तक केवल 3-5 हजार लोग पहुंच पाते हैं और सिलेक्शन 1000 से भी कम लोगों का होता है. ये वो लोग होते हैं जिनके कंधों पर देश को बदलने की जिम्मेदारी होती है. ऐसे में हर साल युवा यूपीएससी की परीक्षा में आवेदन करते हैं. लेकिन इन्हीं परीक्षाओं में से कुछ लोग ऐसे निकलते हैं जो युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन जाते हैं. ऐसी ही कहानी है साल 2019 में IAS बनी याशनी नागराजन की.Also Read - Cunsult App आपके लिए चुनेगा बेहतरीन करियर, UPSC, NDA, SSB के लिए अधिकारी करेंगे गाइड

दरअसल याशनी जब IAS के लिए सिलेक्ट हुईं उस दौरान वह फुल टाइम जॉब में थीं और यूपीएससी की तैयारी वे फुल टाइम जॉब के साथ ही कर रही थीं. वीं साल 2019 में उन्होंने बेहतरीन टाइम मैनेजमेंट के साथ उन्होंने 57वां रैंक हासिल कर अपने परिवार अपने लोगों का नाम ऊंचा किया. बता दें कि याशनी के पिता सिविल इंजीनियर थे और उनकी माता हाईकोर्ट में अधिकारी पद से रिटायर हो चुकी हैं. अपनी कड़ी मेहनत के बदौलत उन्होंने साल 2019 में 57वां रैंक प्राप्त किया और अपने सपने को हासिल कर लिया है. Also Read - UPSC CDS II Admit Card 2021 Released: जारी हुआ UPSC CDS II 2021 का एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड

याशनी के मुताबिक जब परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ उस दौरान वे प्लेन में थीं. इस दौरान जब वह 2 घंटे बाद प्लेन से उतरी तो उन्हें पता चला कि उन्होंने 57वां रैंक प्राप्त किया है और आईएएस बन चुकी है. याशनी बताती हैं कि वे अधिकाश दिनों में 4-5 घंटे की पढ़ाई करती थीं. तथा वीकेंड के दिन वे दिन भर पढ़ाई करती थीं. उनका मानना है कि फुल टाइम नौकरीपेशा लोगों को वीकेंड का सही इस्तेमाल करना चाहिए. इससे तैयारी मजबूत होती है. सहीं टाइम मैनेजमेंट और टाइमटेबल बनाकर 4-5 घंटे की पढ़ाई कर UPSC की परीक्षा को पास किया जा सकता है. Also Read - UPSC NDA Admit Card 2021: यूपीएससी एनडीए परीक्षा का ए़डमिट कार्ड जानें कब होगा जारी, यहां जानें गलती होने पर क्या करें?