लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु ढंग से संचालित करने के लिए शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है. इसके तहत अगले वर्ष होने वाली बोर्ड परीक्षाओं का पूरा कार्यक्रम घोषित किया गया है. इस बारे में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सोमवार को पत्रकारों को बताया, “शैक्षिक कैलेंडर में पाठ्यक्रम को माह के आधार पर बांटा गया है. इसमें यह तय किया गया है कि कौन-सा अध्याय किस महीने में पढ़ाया जाएगा. इससे शिक्षकों की जवाबदेही भी होगी.” उन्होंने बताया कि शैक्षिक सत्र में 200 से ज्यादा दिनों तक पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है. डॉ़ शर्मा ने बताया कि अगर स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई का वातावरण रहेगा तो नकल की गुंजाइश कम रहेगी.

उन्होंने बताया, “वर्ष 2020 में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है. इस बार ये परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ होंगी. इनमें पहले से ज्यादा करीब 55 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे. हाईस्कूल की परीक्षा 12 दिन और इंटर की परिक्षाएं 15 दिनों के अंदर समाप्त हो जाएंगी. उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम 15 मार्च से शुरू कर मात्र 10 दिन के अंदर खत्म कर लिया जाएगा और 20 से 25 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे.”

शर्मा ने बताया, “सरकार ने प्रदेश में स्थानांतरण की अभिनव प्रणाली को अपनाते हुए शिक्षाधिकारियों के ऑनलाइन तबादले किए हैं. लगभग एक हजार लोगों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किए थे, जिनमें से 990 का उनकी मनचाही जगह पर तबादला कर दिया गया.” उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 10 जुलाई से शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा. इसके अलावा दीक्षांत समारोहों की तिथियां तय हो गई हैं.