सूरजपुर: छत्तीसगढ़ में सूरजपुर के बसदेय स्थित नवोदय विद्यालय के 233 बच्चे उल्टी-दस्त की चपेट में हैं. इन बच्चों को अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा है. बच्चों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है. कलेक्टर के.सी. देवसेनापति और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजीव कुमार झा ने शनिवार को बसदेय के नवोदय विद्यालय जाकर आवासीय विद्यार्थियों से मुलाकात कर हाल जाना. Also Read - सीएम भूपेश बघेल ने प्राइवेट स्कूलों को दिए निर्देश, कहा- लॉकडाउन में फीस के लिए अभिभावकों पर नहीं डालें दबाव 

कलेक्टर केसी देवसेनापति ने बताया कि बसदेय गांव में स्थित स्कूल के छात्रों (ज्यादातर नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों) ने स्कूल में कल दही वड़ा खाया था. इसके बाद उन्होंने बेचैनी, सिर दर्द, बुखार और पेचिश की शिकायत शुरू कर दी. Also Read - Corona Effect: छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, पहली से 8वीं और 9वीं व 11वीं कक्षा के छात्रों को सामान्य पदोन्नति मिलेगी

सूरजपुर के सीएमएचओ एस पी वैशी के मुताबिक होली की सुबह बच्‍चों को नाश्‍ते में जो पनीर दिया गया था, वही शाम को भी दिया गया. खाने के सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग को भेजे गए हैं, लेकिन अभी पनीर ही इसका कारण लग रहा है. Also Read - COVID-19: छत्तीसगढ़ में 62 हजार से अधिक परिवारों को निशुल्क भोजन और राशन, निर्देश जारी

शनिवार सुबह से बच्चों की तबीयत अचानक खराब होने लगी. वे उल्टी-दस्त, बुखार और सिरदर्द से परेशान होने लगे. डॉक्टरों की टीम ने तत्काल नवोदय विद्यालय पहुंचकर इलाज शुरू कर दिया। अब तक 233 बच्चों का इलाज के लिए पंजीयन कराया गया है. बसदेय में 20 बच्चों का 6 कमरों में इलाज चल रहा है. 4 कमरों में बालिकाओं का और दो कमरों में लड़कों का इलाज चल रहा है.

कलेक्टर ने कहा कि सूरजपुर जिला चिकित्सालय में अब तक 43 बच्चों का इलाज चल रहा है. बच्चों को वायरल फीवर की एंटीबायोटिक दवा दी जा रही है. मलेरिया, टाइफाइड वगैरह का ब्लड टेस्ट लगातार कराया जा रहा है. अब तक मलेरिया के लक्षण नहीं पाए गए हैं.