कोरिया (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं, जिस पार्टी को जीतना था, वह जीत चुकी है. सीएम व मंत्रियों की ताजपोशी भी हो चुकी है. जीत के जश्न के बाद सरकार का कामकाज भी शुरू हो चला है, लेकिन इन सबके बीच जिस पर किसी की नजर नहीं गई है वह यह है कि मतगणना होने के बाद भी ईवीएम मशीन अभी भी स्ट्रांग रूम में रखी हुई है और 18 वीं बटालियन के जवान कड़ाके की ठंड में 24 घंटे उसकी सुरक्षा में लगे हुए हैं. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: नहीं है वोटर आईडी, लेकिन मतदाता सूची में है नाम तो फिर कैसे डालें वोट... यहां जानिए

देर रात हाड़ को कंपकंपा देने वाली ठंड में भी जवान बंदूक लिए अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं और सुरक्षा ऐसी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है. वोटिंग के बाद मतगणना के पहले स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम की सुरक्षा जैसी सुरक्षा अभी भी लगी हुई है, फर्क सिर्फ इतना है कि उस समय अधिकारी लगातार निरीक्षण करने आते थे, लेकिन अब कोई नहीं आता है. बावजूद इसके बटालियन के जवान अपने कर्तव्य को अंजाम दे रहे हैं. Also Read - Chhattisgarh Corona Update: छत्तीसगढ़ में नहीं सुधर रहे हालात, 24 घंटे में कोरोना के 2958 नए मामले, 16 की मौत

जब इस संबंध में हमने जिले के कलेक्टर तथा जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र दुग्गा से बात की तो उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर मतगणना के पश्चात 45 दिनों तक ईवीएम को सुरक्षा के घेरे में रखा जाता है. इसके पीछे यह कारण भी होता है कि यदि कोई प्रत्याशी चुनाव के परिणाम के संबंध में कोर्ट में याचिका दायर करता है तो उसके लिए ईवीएम के रिकॉर्ड सुरक्षित रखना पड़ता है. 45 दिनों के बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को इसकी सूचना देकर ईवीएम को स्ट्रांग रूम से निकालकर स्टोर रूम में रख दिया जाएगा. Also Read - नाकारी पुलिस: छत्तीसगढ़ में गैंग रेप पीड़िता के पिता ने की आत्महत्या की कोशिश तब जाकर दर्ज हुई FIR