रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में सोमवार शाम यहां के मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें राज्य के लगभग 40 लाख गरीब परिवारों को केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया. गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए प्रतिवर्ष पांच लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा मिलेगी. वहीं, प्रदेश के पंचायत और नगरीय निकाय संवर्गों के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों (शिक्षाकर्मियों) को संविलियन की सौगात मिली है.

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी बैठक के बाद पंचायत और ग्रामीण विकास एवं स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने दी. उनके साथ स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री केदार कश्यप और नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री अमर अग्रवाल भी उपस्थित थे.

15 अगस्त से होगी शुरुआत
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री चंद्राकर ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन छत्तीसगढ़ राज्य में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है. इसके अंतर्गत लगभग 40 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना में शामिल किया जाएगा. योजना का शुभारंभ 15 अगस्त 2018 को किया जाएगा.

एेसे लागू होगी स्वास्थ्य बीमा 
– मंत्री चंद्राकर ने बताया कि योजना में शामिल परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी.
– मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्रता रखने वाले हितग्राहियों को 50 हजार रुपए तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा
– इस योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और संजीवनी सहायता कोष के लिए गठित राज्य नोडल एजेंसी की ओर से किया जाएगा.

कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
– मंत्री चंद्राकर ने कहा कि इसके साथ ही शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) के पद को स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन संविलियन करने का निर्णय लिया गया
– प्रथम चरण में लगभग एक लाख 3 हजार शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) का संविलियन एक जुलाई 2018 से किया जाएगा.
– शेष शिक्षकों (पंचायत/नगरीय निकाय) के जैसे-जैसे आठ वर्ष की सेवा पूरी होने पर संविलियन किया जाएगा
– कैबिनेट के फैसले से लगभग 48 हजार शिक्षकों को भविष्य में फायदा होगा
– साल 2019 में 10 हजार और आगामी सालों में 38 हजार शिक्षकों को होगा लाभ

1346 करोड़ रुपए का आएगा अतिरिक्त भार
– संविलियन होने पर शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) को नियमित शिक्षकों की तरह देय समस्त सुविधाओं (वेतनमान, भत्ते, पदोन्नति आदि) पर राज्य शासन पर लगभग एक हजार 346 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आएगा.

शेष 23 जिलों में लागू होगी आवास योजना-ग्रामीण
– बस्तर संभाग के नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों की तरह राज्य के शेष 23 जिलों में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के लिए हितग्राहियों का चयन किया जाएगा.
– पूर्व में निर्धारित मापदंड- स्वत: शामिल परिवार, बेघर परिवार, शून्य कमरे और एक कमरे के कच्ची छत/कच्ची दीवार वाले पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के बाद ही, दो कमरे, कच्ची छत/कच्ची दीवार वाले पात्र परिवारों को शामिल किया जाएगा.

प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना का फायदा पहुंचाया
कैबिनेट की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के अंतर्गत राज्य की सहभागिता के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था (राज्यांश) का प्रावधान किया जाएगा. इस योजना के तहत 31 मार्च 2018 तक 35 लाख 7 हजार 123 पात्रता वाले परिवारों में से 19 लाख 34 हजार 967 परिवारों को राज्य की सहभागिता से लाभ दिया जा चुका है.

(इनपुट एजेंसी)