दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भारतीय इस्पात प्राधिकरण की इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र में हुए गैस रिसाव के संपर्क में आने से छह अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित हुए. सभी की हालत खतरे से बाहर है. प्रभावितों को निकालने के दौरान दो कर्मचारी भी गैस की चपेट में आए, वहीं रिसाव को रोकने वाले कार्य के प्रभारी राजेश कुमार को भी सिर में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. Also Read - सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी को फिर लिखा पत्र, कोरोना से निपटने के लिए 30 हजार करोड़ रूपये मांगे

भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने बताया कि बीती रात संयंत्र में गैस रिसाव होने से राइट्स कंपनी के अभिषेक आनंद, के. नागराज, बालकृष्ण, संतोष कुमार और कालीदास तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उप महाप्रबंधक राजेश कुमार प्रभावित हुए हैं. सभी प्रभावितों को भिलाई के पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में भर्ती कराया गया है. Also Read - छत्तीसगढ़: नक्सली हमले में लापता 13 जवानों के लिए तलाशी अभियान जारी, 14 घायल अस्‍पताल में भर्ती

अधिकारियों ने बताया कि बीती देर रात लगभग दो बजे संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-8 के भीतर मटेरियल स्लीप हुआ जिससे फर्नेस के अंदर दबाव बढ़ने से यू-सील का ड्रेन पॉट खुल गया और गैस रिसाव होने लगा. गैस रिसाव से यू-सील के नीचे लोको में मौजूद तीन कर्मचारी जिसमें लोको ऑपरेटर और शंटिंग स्टॉफ शामिल हैं, वह भी प्रभावित हुए. Also Read - छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: योगी का हमला, 'राम मंदिर व सूरजकुंड निर्माण में कांग्रेस बाधा'

अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संयंत्र के अधिकारी और कर्मचारी घटनास्थल पहुंचे और प्रभावितों को वहां से निकाला गया तथा उन्हें तत्काल संयंत्र के अंदर स्थित मेन मेडिकल पोस्ट-1 में उपचार के लिए ले जाया गया.

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावितों को निकालने के दौरान दो कर्मचारी भी गैस की चपेट में आए, वहीं रिसाव को रोकने वाले कार्य के प्रभारी राजेश कुमार को भी सिर में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि गैस रिसाव से प्रभावित सभी छह लोगों की स्थिति सामान्य बताई गई है. संयंत्र में गैस का रिसाव बंद कर दिया गया है.