नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में गुरुवार को अलसुबह नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया. अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ बीजापुर जिले के तोंगुड़ा-पामेड़ इलाके में तड़के चार बजे हुई. वहीं, मुठभेड़ में हुई गोलीबारी में कुछ माओवादियों के मारे जाने का भी संदेह है.

शहीद जवान कामता प्रसाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 151वीं बटालियन से था. उसका दल, बल की कमांडो इकाई ‘कोबरा’ और राज्य पुलिस जंगलों में अभियान चला रही थी, तभी यह मुठभेड़ हुई.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में कामता प्रसाद गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्होंने बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में कुछ माओवादियों के मारे जाने का भी संदेह है.

उपमहानिरीक्षक (नक्सल रोधी अभियान) पी सुंदरराज ने बताया कि पामेड़ क्षेत्र में सुबह चार बजे सीआरपीएफ, इसकी विशेष कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हुई.

सुंदरराज ने कहा, मुठभेड़ में सीआरपीएफ की 151वीं बटालियन के कांस्टेबल कामता प्रसाद गोली लगने से घायल हो गए. बाद में पड़ोस के तेलंगाना स्थित चेर्ला अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई.

30 वर्षीय कामता प्रसाद 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे. वह उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के रहने वाले थे.

उपमहानिरीक्षक ने बताया कि गश्त पर निकला सुरक्षाबलों का दल जब जेरापल्ली गांव के पास एक जंगल की घेराबंदी कर रहा था तो तभी नक्सलियों के एक समूह ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. उन्होंने कहा कि नक्सली घटनास्थल से भाग निकलने में कामयाब हो गए. क्षेत्र में नक्सलियों की खोज जारी है. गत मंगलवार को पास के दंतेवाड़ा जिले में हुई मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए थे.