नई दिल्ली. कांग्रेस को ‘अप्रासंगिक और अप्रचलित’ करार देते हुए छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी ने आज उन खबरों को खारिज किया कि वह भाजपा की बी-टीम हैं. जोगी ने कहा कि वह राज्य के आगामी चुनाव में रमन सिंह और उनकी पार्टी के खिलाफ लड़ेंगे. उन्होंने यहां मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘अगर मैं बी-टीम होता तो राजनांदगांव (मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र) से चुनाव नहीं लड़ता. अगर मैं बी-टीम होता तो हत्या के निराधार मामले का सामना नहीं कर रहा होता. मेरे खिलाफ डकैती का झूठा मामला नहीं होना चाहिए था. मेरा बेटा हत्या की साजिश रचने के आरोप का सामना कर रहा है. अगर मैं बी-टीम होता तो यह सबकुछ नहीं होता.’ जोगी ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति उनका यह विश्वास है कि उनके और उनके बेटे के खिलाफ सभी निराधार आरोप खारिज होंगे.Also Read - Maharashtra Government: किसानों की सुरक्षा और MSP तय करने के लिए महाराष्ट्र सरकार बनाएगी नया कानून

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विधानसभा नहीं, लोकसभा के लिए गठबंधन जरूरी

उन्होंने कहा कि 2019 के आम चुनावों के लिए एक ‘महागठबंधन’ (भाजपा विरोधी) की आवश्यकता है, लेकिन राज्य में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में इसकी जरूरत नहीं. यह पूछे जाने पर कि क्या बसपा और कांग्रेस के बीच होने वाला गठजोड़ राज्य में उनकी पार्टी के लिए हानिकारक होगा, जोगी ने कहा कि अभी ऐसा गठबंधन हुआ नहीं है. अगर ऐसा गठबंधन बन जाएगा तब उनकी पार्टी उस स्थिति का आकलन करेगी. जोगी ने कहा, ‘देखिए गठबंधन (बसपा-कांग्रेस का) होता है या नहीं, यह (भविष्य की रणनीति) तब ही तय किया जाएगा. कुछ फायदा और नुकसान हो सकता है. लेकिन, जब भी ऐसा गठबंधन होगा तब हम इसका आकलन करेंगे. आज की तारीख में हम सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.’ महागठबंधन के बारे में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महागठबंधन 2018 के विधानसभा चुनाव के लिए जरूरी नहीं है, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए जरूरी है.

छत्तीसगढ़ की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी जोगी की पार्टी

दिल्ली से संचालित किए जाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को आज एक राज्य केंद्रित रवैये की जरूरत है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़’ राज्य की सभी 90 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी और अपने दम पर सरकार बनाएगी. साथ ही जोगी ने यह भी कहा कि कांग्रेस में उनके वापस जाने की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए है क्योंकि मैंने कांग्रेस छोड़ने और अपनी पार्टी बनाने का निर्णय बहुत सोच समझ कर लिया था. कांग्रेस में वापसी का सवाल ही नहीं उठता.’ नक्सली समस्या के हल के लिए जोगी ने कहा, ‘इसके लिए बातचीत के दरवाजे खोलने की जरूरत है. साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में सामाजिक आर्थिक विकास के लिए काम करना जरूरी है.’

(इनपुट – एजेंसी)

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