नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh Assembly Election 2018) में अब एक सप्ताह से भी कम का समय रह गया है. इसके मद्देनजर सियासी दलों के नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है. इसी क्रम में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला बयान शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के बागी नेता और राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) का आया है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो अजीत जोगी ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में एलान किया कि अगर उनके गठबंधन को चुनाव में बहुमत मिलता है तो वे एक बार फिर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनेंगे. अजीत जोगी का यह बयान सियासी हलको में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अभी तक उनकी पार्टी की तरफ से ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई थी. साथ ही यह भी कहा जा रहा था कि अजीत जोगी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे. वे प्रदेश में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाएंगे. बता दें कि छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए इसी महीने दो चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण का मतदान 12 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे और अंतिम चरण का चुनाव 20 नवंबर को निर्धारित है.

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अपने नाम का एलान, मायावती की पैरोकारी
राज्य के पूर्व सीएम ने एनडीटीवी के साथ बातचीत में अपने मुख्यमंत्री बनने के स्पष्ट संकेत दिए हैं. उन्होंने चैनल से बातचीत करते हुए कहा, ‘उनकी पार्टी ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी और वाममोर्चा के साथ गठबंधन किया है. इसके साथ ही यह तय हो चुका है कि मैं प्रदेश का मुख्यमंत्री बनूंगा.’ इसी बातचीत के दौरान जोगी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद मायावती को प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे सुयोग्य उम्मीदवार बताया. उन्होंने कहा, ‘मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा गठबंधन ही 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद बहुमत में आएगा. इसलिए प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह उसी समय तय किया जाएगा. लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मैं मानता हूं कि बसपा सुप्रीमो मायावती इस पद के लिए सबसे सुयोग्य उम्मीदवार हैं. वह उत्तर प्रदेश की चार बार सीएम रह चुकी हैं, दलित हैं और महिला राजनीतिज्ञ हैं.’

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चुनाव के दौरान जोगी के गठबंधन पर रहेगी नजर
छत्तीसगढ़ के पहले सीएम अजीत जोगी भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा, दोनों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वर्ष 1986 में वे राज्यसभा के लिए चुने गए थे. तीन दशकों से ज्यादा अवधि तक कांग्रेस पार्टी में रहने के बाद वर्ष 2016 में अजीत जोगी कांग्रेस से अलग हो गए. अपनी ही पार्टी में दरकिनार किए जाने से दुखी जोगी ने छत्तीसगढ़ में अलग पार्टी बनाई. छत्तीसगढ़ समेत देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले सियासी गलियारों में कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन के कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन इस मुहिम के असफल रहने के बाद अजीत जोगी की पार्टी ने बसपा और अन्य दलों के साथ गठजोड़ कर छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ने का फैसला किया. एनडीटीवी के अनुसार, इस गठबंधन को लेकर जोगी का कहना है कि प्रदेश की जनता राष्ट्रीय पार्टियों के कार्यकाल से परेशान हो चुकी है. इसलिए इस बार के चुनाव में क्षेत्रीय दलों को निश्चित रूप से मौका मिलने की संभावना है.