रायपुर. छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2018) के पहले चरण के लिए शनिवार की शाम चुनाव प्रचार समाप्त हो गया. पहले चरण के लिए इस महीने की 12 तारीख को मतदान होगा. अंतिम दिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य में चुनाव प्रचार किया. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण के लिए 12 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए आज शाम पांच बजे तक प्रचार थम गया. उम्मीदवार अब केवल व्यक्तिगत प्रचार और घर-घर जनसंपर्क कर सकेंगे. राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और राजनांदगांव के 18 विधानसभा क्षेत्रों में 12 नवंबर को मतदान होगा. गौरतलब है कि राज्य में पहले चरण के चुनाव में ही सीएम रमण सिंह (Raman Singh) की विधानसभा सीट पर भी मतदान होने हैं.

नक्सल प्रभावित इलाकों में होंगे चुनाव, सुरक्षा दुरुस्त
अधिकारियों ने बताया कि 10 विधानसभा क्षेत्रों मोहला मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, केसकाल, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक मतदान होगा. वहीं खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा. उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान दलों को रवाना कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम मतदान के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील मतदान केन्द्रों तक मतदान दलों को लाने-ले जाने के लिए हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की गई है. बेहतर सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान पर्याप्त संख्या में तैनात किए गए हैं.

पहले चरण में 190 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में पहले चरण में 190 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला राज्य के 3179520 मतदाता करेंगे. जिनमें से 1621839 पुरुष मतदाता तथा 1557592 महिला मतदाता हैं. वहीं 89 तृतीय लिंग के मतदाता हैं. प्रथम चरण के लिए 4336 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में सबसे ज्यादा राजनांदगांव विधानसभा सीट में 30 उम्मीदवार तथा सबसे कम पांच पांच उम्मीदवार बस्तर और कोंडागांव सीट में हैं. प्रथम चरण के 18 विधानसभा सीटों में से 12 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए तथा एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. वर्ष 2013 में हुए चुनाव में भाजपा इनमें से केवल छह सीट ही जीत पाई थी. राज्य में दूसरे चरण के 72 सीटों के लिए इस महीने की 20 तारीख को मतदान होगा.

सीएम रमण सिंह और दो मंत्रियों का भविष्य तय होगा
प्रथम चरण में मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके मंत्रिमंडल के दो सदस्य चुनाव मैदान में है. मुख्यमंत्री सिंह राजनांदगांव से चुनाव लड़ रहे हैं तथा उनके खिलाफ कांग्रेस की करुणा शुक्ला है. शुक्ला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी हैं. प्रथम चरण में भाजपा की ओर से मंत्री महेश गागड़ा (बीजापुर) और केदार कश्यप (नारायणपुर) चुनाव मैदान में हैं. वहीं दो विधायक जगदलपुर से संतोष बाफना और डोंगरगढ़ से सरोजनी बंजारे हैं. वहीं कांग्रेस की ओर से विधायक भानुप्रतापपुर से मनोज सिंह मंडावी, कोंडागांव से मोहन लाल मरकाम, बस्तर से लखेश्वर बघेल, केसकाल से संतराम नेताम, चित्रकोट से दीपक कुमार बैज, दंतेवाड़ा से देवती कर्मा, कोंटा से कवासी लखमा, खैरागढ़ से गिरवर जंघेल और डोंगरगांव से दलेश्वर साहू चुनाव मैदान में हैं.

पहले चरण के चुनाव का नक्सलियों ने किया है विरोध
राज्य में हो रहे विधानसभा चुनाव का नक्सलियों ने विरोध किया है और लगातार नक्सली घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. नक्सलियों ने पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. इस महीने की आठ तारीख को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एक यात्री बस को उड़ा दिया था. इस घटना में चार नागरिक और केंदीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान की मृत्यु हो गई थी. इससे पहले नक्सलियों ने 30 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर में पुलिस दल पर हमला कर दिया था. इस घटना में दूरदर्शन के एक कैमरामैन और तीन पुलिस जवानों की मृत्यु हो गई थी. वहीं 27 अक्टूबर को नकसलियों ने बीजापुर जिले आवापल्ली थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ के बुलेट प्रुफ बंकर को उड़ा दिया था. इस घटना में सीआरपीएफ के चार जवानों की मृत्यु हो गई थी.

(इनपुट – एजेंसी)