नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद के उद्देश्य से राज्य के लिए 30 हजार करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता देने का एक बार फिर अनुरोध किया. Also Read - यूपी सरकार ने शॉपिंग मॉल खोलने को लेकर जारी किए दिशानिर्देश, मास्क के बिना अनुमति नहीं

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दोहराया कि राज्य की अर्थव्यस्था को पटरी पर लाने के लिए इस पैकेज से तत्काल 10000 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता दी जाए. एक सरकारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि यदि यह वित्तीय पैकेज नहीं स्वीकार किया गया तो राज्य का सामान्य कामकाज आर्थिक संकट की वजह से संभव नहीं हो पाएगा. Also Read - Goggle Mask: कोरोना को देने मात, लखनऊ दंपति ने बनाया 'गॉगल मास्क'

बघेल ने कहा, ‘‘ तत्काल पैकेज राज्य को उद्योगों, कारोबार, श्रमिकों एवं किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता और अन्य गतविधियों को हाथों में लेने के लिए निर्णय लेने में मदद पहुंचाएगा.’’उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 के चलते अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया है तथा केंद्र एवं राज्य सरकारें पूरी एकजुटता से इससे निपटने के लिए हर प्रयास कर रही हैं. Also Read - सन फार्मा ने शुरू किया इस दवा के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल, 210 मरीजों पर होगा टेस्ट 

उन्होंने कहा कि आठ मई तक पूर्णलॉकडाउन के 48 दिन हो चुके हैं, ‘‘साथ ही कोविड-19 वायरस के नये मामलों की संख्या लगातार बढ़ने से ऐसा लगता है कि निकट भविष्य में इस महामारी के पूर्ण नियंत्रण या सफाये की संभावना क्षीण है.’’

बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के मामले अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है. उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन लंबे समय तक लॉकडाउन के चलते राज्य में सभी आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लाखों परिवारों के लिए आजीविका संकट उत्पन्न हो गया है. कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर विभिन्न जिलों को भारत सरकार द्वारा रेड, ओरेंज और ग्रीन जोन में बांटकर सीमित आर्थिक गतिविधियां शुरू की गयी है.’’

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा, ‘‘ यदि अगले तीन महीने में राज्य के लिए 30000 करोड़ रूपये का पैकेज नहीं स्वीकार किया गया तो राज्य का सामान्य कामकाज आर्थिक संकट के चलते नहीं हो पायेगा.’’