नई दिल्ली. बिहार में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में विख्यात ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय और वर्तमान में पाकिस्तान में पड़ने वाले विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय की तरह अब छत्तीसगढ़ में भी एक शैक्षणिक परिसर बन गया है. यह दावा राज्य सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. रमण सिंह ने किया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजधानी रायपुर में नालंदा परिसर के रूप में लोकार्पित ऑक्सी (रीडिंग) जोन छत्तीसगढ़ में अध्ययन का एक ऐसा सुंदर केंद्र है, जिसे देखकर प्राचीन भारत के नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालयों के वैभव की याद आती है. डॉ. सिंह ने रायपुर के जीई रोड पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के पास निर्मित नालंदा परिसर का लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि दुनिया में रायपुर नालंदा परिसर जैसा अनूठा शैक्षणिक परिसर और ऑक्सी रीडिंग जोन देखने को नहीं मिलेगा. यहां युवाओं को सर्दी, गर्मी और ठंड हर मौसम में प्रकृति के अनुकूल और प्रकृति के सानिध्य में पढ़ने की व्यवस्था की गई है.Also Read - छत्तीसगढ़ पहुंचकर भाजपा नेता मनोज तिवारी ने अरविंद केजरीवाल को बताया 'अर्बन नक्सली'

सीएम डॉ. रमण सिंह ने शनिवार को रायपुर में नालंदा परिसर का उद्घाटन किया.

सीएम डॉ. रमण सिंह ने शनिवार को रायपुर में नालंदा परिसर का उद्घाटन किया.

मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने आरएफ आईडी कार्ड से प्रवेश कर इसका औपचारिक शुभारंभ किया. उन्होंने नालंदा परिसर में इंडोर अध्ययन के लिए बनाए गए यूथ टॉवर और आउटडोर कैम्पस का भम्रण कर इसकी सराहना की. मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि नालंदा परिसर जैसा कार्य पीढ़ियों का निर्माण करता है. यह छत्तीसगढ़ के युवाओं के सुनहरे भविष्य निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा. रायपुर को स्मार्ट सिटी बनने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. उन्होंने कहा कि मैंने देश और विदेश में बहुत से विश्वविद्यालय के कैम्पस देखा है परंतु नालंदा परिसर का कैम्पस अपने आप में अद्भुत है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद रमेश बैस ने कहा कि रायपुर शहर अब देश का एक एजुकेशन हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है. इसमें नालंदा परिसर का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा. Also Read - 'नक्सलवाद' को क्रांति का माध्यम समझने वाली पार्टी छत्तीसगढ़ का भला नहीं कर सकती: अमित शाह

24 घंटे और सातों दिन खुला रहेगा नालंदा परिसर
छत्तीसगढ़ सरकार का नालंदा परिसर 24 घंटे और सातों दिन संचालित होगा. इसमें पढ़ने के लिए इंडोर और आउटडोर रीडिंग की व्यवस्था की गई है. एक ही समय पर 1000 लोग अध्ययन कर सकेंगे. यहां लाइब्रेरी के लिए 1.5 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विषयों की 50 हजार पुस्तकों की खरीदी की गई है. इसी तरह 112 हाइटेक कम्प्यूटर की ई-लाइब्रेरी 100 एमबीपीएस स्पीड की लीजलाइन बनाई गई है, ताकि युवा आसानी से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें. पूरे परिसर को फ्री वाई-फाई जोन के रूप में विकसित किया गया है. यहां 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई है. पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड के साथ ही सदस्यों के प्रवेश के लिए आरएफ आईडी कार्ड की व्यवस्था की गई है. Also Read - छत्‍तीसगढ़: सीएम रमन सिंह के गढ़ में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर टिकट मांग रही हैं भाजपा और कांग्रेस

बीपीएल के लिए 200 रुपए मासिक शुल्क
इस परिसर में एक फैसिलिटी प्लाजा भी बनाया गया है यहां अध्ययन करने वालों के लिए स्टेशनरी, बुक स्टॉल, मेडिकल और रेस्टारेंट आदि रहेंगे जो 24 घंटे संचालित किए जाएंगे. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के सदस्यों के लिए इसका मासिक शुल्क 200 रुपए रखा गया है जबकि अन्य सदस्यों के लिए 500 रुपए है. नालंदा परिसर में आउटडोर अध्ययन के लिए इसके कैम्पस को बायो डायवर्सिटी युक्त गार्डन के रूप में विकसित किया गया है. कैम्पस में 18 गजिबो, परगोलास और केनोपी को इंटरेटिव जोन के रूप बनाया गया है. आउटडोर रीडिंग के दौरान युवा प्रकृति के सानिध्य में अध्ययन का आनंद उठा सकेंगे.

(इनपुट – एजेंसी)