रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच शनिवार को हुई मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए. वहीं, मुठभेड़ में घायल हुए 14 जवानों का रायपुर के अस्पताल में इलाज जारी है. इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है. Also Read - उत्तरी कश्मीर में मुठभेड़ में पांच आतंकी ढेर, पांच भारतीय जवान भी हुए शहीद

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की दोपहर को लगभग ढाई बजे चिंतागुफा थाना क्षेत्र में निमपा के जंगल में पुलिस बल सर्चिग पर निकला था. इस दल में डिस्टिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरपी) और एसटीएफ के जवान थे. तभी जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षा जवानों पर हमला बोल दिया. दोनों ओर से गोलीबारी का दौर शनिवार की रात तक जारी रहा. रात को 13 जवानों के लापता होने की पुष्टि की गई थी. Also Read - जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़, 9 आतंकी ढेर, एक जवान शहीद

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव ने जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है. राज्य के मंत्री सिंहदेव ने रविवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए 17 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है.

इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए, 17 जवानों के लापता होने की पुष्टि की थी. बाद में इन सभी जवानों की शहादत की पुष्टि हुई. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हमले का जवाब दिया. सूत्रों से पता चला है कि नक्स्ली बड़े पैमाने पर आधुनिक हथियार भी लूट कर ले गए हैं.

वहीं, मुठभेड़ में घायल हुए 14 जवानों का रायपुर के अस्पताल में इलाज जारी है. इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है. इन घायलों को देखने मुख्यमंत्री बघेल रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचे.

17 शहीद जवानों के शव बरामद, 16 हथियार भी गायब, एके 47 और अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर जैसे हथियार
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में लापता 17 जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं. बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि सुरक्षा बल ने 17 जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है तथा उन्हें जंगल से बाहर निकाला जा रहा है. जवान नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद से 16 हथियार भी गायब है, जिसमें एके 47 और अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर जैसे हथियार शामिल हैं.

कोबरा बटालियन के छह सौ जवानों को रवाना किया गया था
सुंदरराज ने बताया कि शनिवार को सुकमा जिले के एलमागुड़ा में नक्सली गतिविधियों की सूचना के बाद चिंतागुफा, बुरकपाल और तिमेलवाड़ा से डीआरजी, एसटीएफ और सीआपीएफ के कोबरा बटालियन के छह सौ जवानों को रवाना किया गया था.

250 की संख्या में नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया
जब सुरक्षा बल के जवान मिनपा गांव के जंगल में थे, तब लगभग 250 की संख्या में नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया. इस घटना में 15 जवान घायल हो गए थे. लगभग ढाई घंटे तक दोनों ओर से गोलीबारी होने के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए थे.

14 जवानों के घायल होने और 13 जवानों के लापता होने की सूचना दी थी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद 17 जवान लापता हो गए थे. बाद में सुरक्षा बलों ने लापता जवानों की खोज में खोजी अभियान चलाया था. आज लापता जवानों के शव बरामद कर लिए गए. शहीद जवानों के शवों को जंगल से बाहर निकाला जा रहा है. इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने इस घटना में 14 जवानों के घायल होने और 13 जवानों के लापता होने की सूचना दी थी. मुठभेड़ में घायल जवानों को रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से दो की हालत गंभीर है.