नई दिल्‍ली: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के जंगली एरिया सालेघाट में आज नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ होने की खबर है. मुठभेड़ में सीआरपीएफ के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. उधर, गुरुवार को भी नक्‍सलियों से मुठभेड़ हुई, इसमें बीएसएफ के चार जवान कांकेर में शहीद हुए थे. इस पर छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने मुठभेड़ में जान गंवाने वाले बीएसएफ के जवानों को श्रद्धांजलि दी.

 

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शहीद हुए बीएसएफ के चार जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. ट्विटर पर उन्होंने कहा कि कांकेर में नक्सलियों के खिलाफ एक ऑपरेशन के दौरान जवान राष्ट्र के लिए बहादुरी से लड़े. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने घटना के बारे में बीएसएफ के डीजी रजनी कांत मिश्रा से बात की है और बताया कि वह जमीनी हालात का आकलन करने के लिए छत्तीसगढ़ आएंगे.

छत्तीसगढ़ के 14 जिले नक्सल प्रभावित
बता दें कि छत्तीसगढ़ के 14 जिले नक्सल समस्या से प्रभावित हैं. बीते दिनों प्रदेश के गृहमंत्री ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि प्रदेश के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, राजनांदगांव, बालोदए धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलरामपुर और कबीरधाम जिले नक्सल समस्या से प्रभावित हैं.

छत्‍तीसगढ़ में चुनाव से पहले नक्सलियों के हमले में बीएसएफ के 4 जवान शहीद, दो घायल

एक अप्रैल को धमतरी में गिरफ्तार किए गए थे दो नक्सली
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित धमतरी जिले में पुलिस ने एक अप्रैल को दो ईनामी नक्सलियों को गिरफ्तार करके उनके पास से लोकसभा चुनाव बहिष्कार से संबंधित बैनर, पोस्टर, टिफिन बम और दूसरा सामान बरामद किया गया था. पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के जंगल में पुलिस ने अजीत मोडियाम (24 वर्ष) और रमसु कुंजाम (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया.

लोकसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में नक्‍सली
बताया कि नक्सली लोकसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने लिए बम लगाने की कोशिश कर रहे थे जिसका समय रहते पहले ही पता लगा लिया गया. छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा सीटों के लिए तीन चरणों में 11, 18 और 23 अप्रैल को मतदान होगा. चुनाव को देखते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है.